व्याख्यान 72 (253 में से)

इस संसार के सदृश न बनो। रोमियों 12:2।

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अध्याय 8: संसार के सदृश बनना। इस संसार के सदृश न बनो। रोमियों 12:2।

यहाँ उपस्थित कुछ लोगों को स्मरण होगा कि कुछ समय पहले मैंने इसी स्थान पर प्रचार करते हुए इस पद का उपयोग किया था, परन्तु आज संध्या के प्रवचन का उद्देश्य इतना भिन्न है कि उसी पद का फिर से उपयोग करना अनुचित नहीं है। संसार के सदृश बनने के विषय पर विचार करने के लिए मैंने यह क्रम ठहराया है: I. यह दिखाना कि इस पद की आज्ञा का अर्थ क्या नहीं है। II. यह दिखाना कि इस आज्ञा, “इस संसार के सदृश न बनो,” का अर्थ क्या है। III. कुछ ऐसे कारण बताना कि यह माँग उन सब पर क्यों रखी गई है जो भक्ति का जीवन बिताना चाहते हैं। IV. रखे गए सिद्धान्तों के विरुद्ध उठाई जानेवाली कुछ आपत्तियों का उत्तर देना।

मुझे यह दिखाना है कि इस माँग, “इस संसार के सदृश न बनो,” का अर्थ क्या नहीं है।

मेरे विचार में इसका यह अर्थ नहीं है कि मसीही लोग संसार की उपयोगी कलाओं, उन्नतियों और आविष्कारों से लाभ उठाने से इनकार करें। परमेश्वर के मित्रों का यह केवल अधिकार ही नहीं वरन कर्तव्य भी है कि वे इनका लाभ उठाएँ, और मनुष्यजाति के बीच उत्पन्न होनेवाली सब सचमुच उपयोगी कलाओं और उन्नतियों को परमेश्वर के लिए काम में लाएँ।

II. मुझे यह दिखाना है कि इस माँग का अर्थ क्या है।

इसका अर्थ यह है कि मसीही लोग निम्नलिखित तीन बातों में संसार के सदृश न बनने के लिए बाध्य हैं। मैं केवल इन तीनों का उल्लेख करता हूँ, इसलिए नहीं कि और बहुत-सी बातें नहीं हैं जिनमें संसार के सदृश बनना वर्जित है, परन्तु इसलिए कि आज रात केवल इन्हीं तीन वर्गों की जाँच करने का मुझे समय मिला है, और इसके अतिरिक्त इसलिए कि वर्तमान समय में इन तीनों पर विचार करना विशेष रूप से आवश्यक है। ये तीन बातें जीवन के तीन क्षेत्र हैं, जिनमें यह माँग की गई है कि आप इस संसार के सदृश न बनें।

वे हैं व्यापार, फ़ैशन, राजनीति।

इन सब क्षेत्रों में यह माँग की गई है कि मसीही लोग वैसा न करें जैसा संसार करता है; वे न तो संसार के सूत्रों को ग्रहण करें, न उसके सिद्धान्तों को अपनाएँ, न उसकी रीतियों पर चलें।

III. मुझे इस आज्ञा, “इस संसार के सदृश न बनो,” के कुछ कारण बताने हैं।

आपको किसी भी रीति से उन्हीं सिद्धान्तों पर, न उन्हीं उद्देश्यों से काम करना है, और न अपने लक्ष्य का पीछा उसी ढंग से करना है जैसे संसार करता है, चाहे व्यापार के कामों में हो, या फ़ैशन में, या राजनीति में। मैं इन विभिन्न क्षेत्रों की अलग-अलग जाँच करूँगा।

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