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इस शैतान को, अर्थात् गुप्त शपथ को, ताकि बेचारे माता-पिता अपने बच्चों को सुरक्षा के साथ पाल-पोस सकें और अपने पास रख सकें।
मैं निवेदन करता हूँ कि कैस्पर बायर, जिसने कंसिस्टोरियम (कलीसियाई न्यायालय) से आप महानुभाव के पास अपील की है, आपके राजसभा (डायट) के लिए प्रस्थान करने से पहले मुक्त कर दिया जाए, क्योंकि यह प्रक्रिया बहुत धीमी रही है।
मैं इसे एक ही दिन में निपटा सकता था, परन्तु वे पिन्तेकुस्त के समय से इसमें लगे हुए हैं, और उन्होंने केवल एक निजी प्रतिज्ञा और पिता की दुर्बल इच्छा का पता लगाया है, जो कहता है कि वह कभी नहीं चाहता था कि यह हो; परन्तु ऐसा लगता था कि उन्होंने न समझने की ठान ली थी।
निश्चय ही बेटे ने अपनी चार वर्ष की सगाई में न तो अपने माता-पिता की सहमति माँगी और न ही युवती के माता-पिता की, जो प्रेम में पड़े युवकों में असामान्य बात है; परन्तु प्रतिज्ञा को तब तक स्थगित रहने दिया जाए जब तक युवती के लोग पिता से अपील न करें।
फिर भी जब तक वह विषैली प्रतिज्ञा, वह शपथ, खण्डित नहीं की जाती, तब तक यह सब कुछ भी नहीं है।
निर्वाचकीय महामहिम बुद्धिमानी से काम करेंगे, क्योंकि इस छोटे-से काम में आप महानुभाव परमेश्वर की और बहुत-से अन्य लोगों की महिमामय सेवा करेंगे, और साथ ही सब माता-पिता को सांत्वना देंगे और बहुत-से प्राणों को अनगिनत संकटों से बचाएँगे।
पिता, पुत्र और पवित्र आत्मा, जिसकी स्तुति युगानुयुग होती रहे, ऐसे सब कामों में आप निर्वाचकीय महामहिम की सहायता करे।
निर्वाचकीय महामहिम का विनम्र सेवक, लूथर एक छोटी पुस्तक की छपाई में देरी का कारण बताता है, आदि।
प्रिय स्पालाटिन, तुम कभी-कभी झुँझलाहट भरे स्वर में लिखते हो, मानो तुम्हें पता ही न हो कि तुम्हारी छोटी पुस्तक कहाँ है।
अपनी विनोद-बुद्धि (witz) के फल के प्रति तुम्हारे प्रेम का मैं बुरा नहीं मानता, क्योंकि तुम मेरे प्रति अपने प्रेम के विषय में भी मज़ाक करते हो।
मुझे तुम्हें बताना है कि पुस्तक छापनेवालों के हाथ में है। परन्तु छापाख़ाने में इतना काम भरा है कि यह उतनी जल्दी पूरी नहीं हो सकती जितनी जल्दी तुम चाहते हो।
शायद तुम नहीं जानते कि हम पर कितना दबाव है, परन्तु
