अध्याय 40 (68 में से)

56. हर उस प्रयत्न को ठुकरा दीजिए जो आपका मुँह बन्द करना चाहे, उस सबके विरुद्ध जो फ़िज़ूलख़र्च, ग़लत,

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56. अपने लोगों के बीच जो कुछ भी फ़िज़ूलख़र्च, ग़लत या हानिकारक है, उसके विरुद्ध आपका मुँह बन्द करने के हर प्रयत्न को ठुकरा दीजिए।

57. अपनी पास्टरीय खराई और स्वतंत्रता बनाए रखिए, कहीं ऐसा न हो कि आप अपने विवेक को दाग़ दें, पवित्र आत्मा को बुझा दें, अपने लोगों का भरोसा खो दें, और परमेश्वर का अनुग्रह गँवा दें।

58. झुण्ड के लिए आदर्श बनिए, और अपने जीवन को अपनी शिक्षा का उदाहरण बनने दीजिए। स्मरण रखिए कि आपके कार्य और आपकी आत्मा आपके उपदेशों से भी अधिक प्रभावशाली रीति से शिक्षा देंगे।

59. यदि आप यह प्रचार करते हैं कि मनुष्यों को परमेश्वर और अपने पड़ोसी की प्रेम से सेवा करनी चाहिए, तो ध्यान रखिए कि आप स्वयं भी ऐसा करें, और उन सब बातों से बचिए जो इस धारणा को जन्म देती हैं कि आप वेतन के लिए काम कर रहे हैं।

60. अपने लोगों की प्रेम से सेवा कीजिए, और उन्हें प्रोत्साहित कीजिए कि वे आपको आपके परिश्रम के बदले पैसों के रूप में बराबर का मूल्य नहीं, बल्कि प्रेम का ऐसा प्रतिफल दें जो आपको और उन्हें दोनों को ताज़गी दे।

61. आपके लिए या कलीसिया के कामों के लिए पैसा इकट्ठा करने के हर उस प्रस्ताव को ठुकरा दीजिए जो सांसारिक परन्तु विचारशील मनुष्यों में स्वाभाविक रूप से घृणा और तिरस्कार उत्पन्न करे।

62. चाय-पार्टियों, मनोरंजक व्याख्यानों और मन को भटकानेवाले सामाजिक जमावड़ों के आरम्भ किए जाने का विरोध कीजिए, विशेष करके उन अवसरों पर जो आत्माओं को मसीह की ओर फेरने के लिए मिले-जुले प्रयासों के लिए सबसे अनुकूल होते हैं। निश्चय जानिए कि शैतान इस दिशा में आपका रास्ता काटने का प्रयत्न करेगा। जब आप परमेश्वर के काम की जागृति के लिए प्रार्थना और योजना कर रहे होंगे, तब आपकी कलीसिया के कुछ सांसारिक सदस्य आपको किसी पार्टी में बुलाएँगे।

मत जाइए, नहीं तो आप उनके एक ऐसे सिलसिले में फँस जाएँगे जो आपकी प्रार्थनाओं को विफल कर देगा।

63. धोखा न खाइए। ऐसे समयों पर ऐसे निमन्त्रण स्वीकार करने से आपके लोगों पर आपकी आत्मिक सामर्थ कभी नहीं बढ़ेगी। यदि पार्टियाँ करने के लिए यह अच्छा समय है, क्योंकि लोगों के पास फ़ुरसत है, तो यह धार्मिक सभाओं के लिए भी अच्छा समय है, और आपका प्रभाव लोगों को परमेश्वर के भवन की ओर खींचने में लगना चाहिए।

64. ध्यान रखिए कि आप व्यक्तिगत रूप से मसीह को जानते हों और प्रतिदिन उसी पर जीवन बिताते हों।

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