अध्याय 36 (68 में से)

“अपनी और अपने उपदेश की चौकसी रख। इन बातों पर स्थिर रह, क्योंकि यदि ऐसा करता रहेगा, तो तू

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अध्याय 8 प्रचारक, अपने आप को बचा “अपनी और अपने उपदेश की चौकसी रख। इन बातों पर स्थिर रह, क्योंकि यदि ऐसा करता रहेगा, तो तू अपने, और अपने सुननेवालों के लिए भी उद्धार का कारण होगा।”—1 तीमुथियुस 4:16।

मैं प्रचारकों को उपदेश देने नहीं जा रहा, बल्कि कुछ ऐसी शर्तें सुझाने जा रहा हूँ जिनके आधार पर इस पद में प्रतिज्ञा किया गया उद्धार उनके द्वारा प्राप्त किया जा सकता है।

1. ध्यान रखें कि आप सुसमाचार का प्रचार करने के लिए प्रेम से वैसे ही विवश हों, जैसे मसीह सुसमाचार का प्रबन्ध करने के लिए विवश हुआ था।

2. ध्यान रखें कि पवित्र आत्मा के बपतिस्मा के द्वारा आपको ऊपर से सामर्थ का विशेष वरदान मिला हो।

3. ध्यान रखें कि सुसमाचार का प्रचार करने का काम हाथ में लेने के लिए आपको केवल दिमाग़ की नहीं, बल्कि हृदय की बुलाहट मिली हो। मेरा अभिप्राय यह है कि आप पूरे मन से और अत्यन्त तीव्रता के साथ आत्माओं के उद्धार की खोज को जीवन के महान काम के रूप में करने के इच्छुक हों, और ऐसा काम हाथ में न लें जिसके लिए आपका मन नहीं है।

4. निरन्तर परमेश्वर के साथ घनिष्ठ चाल बनाए रखें।

5. बाइबल को अपनी पुस्तकों की पुस्तक बनाएँ। घुटनों पर रहकर, ईश्वरीय ज्योति की बाट जोहते हुए, उसका बहुत अध्ययन करें।

6. टीकाओं पर निर्भर रहने से सावधान रहें। सुविधा हो तो उनसे परामर्श लें; पर पवित्र आत्मा के प्रकाश में स्वयं निर्णय करें।

7. अपने आप को शुद्ध रखें—इच्छा में, विचार में, भावना में, वचन और कर्म में।

8. पापियों के दोष और संकट पर बहुत मनन करें, ताकि उनके उद्धार के लिए आपका उत्साह और तीव्र हो जाए।

9. उनके प्रति मसीह के असीम प्रेम और करुणा पर भी गहराई से विचार करें और उस पर बहुत ध्यान लगाए रहें।

10. आप स्वयं उनसे इतना प्रेम करें कि उनके लिए मरने को भी तैयार हों।

11. उन उपायों और साधनों के अध्ययन में अपना सबसे गहन चिन्तन लगाएँ जिनके द्वारा आप उन्हें बचा सकें। इसे अपने जीवन का महान और गहन अध्ययन बना लें।

12. इस काम से भटकाए जाने से इन्कार करें। हर उस परीक्षा से सावधान रहें जो इसमें आपकी रुचि को घटा दे।

13. मसीह के इस कथन पर विश्वास करें कि वह इस काम में सदा और सब जगह आपके साथ है, ताकि आपको जितनी सहायता की आवश्यकता हो, वह सब दे।

14. “जो आत्माओं को जीत लेता है, वह बुद्धिमान है”; और “यदि तुम में से किसी को बुद्धि की घटी हो, तो परमेश्वर से माँगे, जो बिना उलाहना दिए सब को उदारता से देता है; और उसको दी जाएगी। पर विश्वास से माँगे।” इसलिए स्मरण रखें कि आप पर यह दायित्व है कि आपके पास वह बुद्धि हो जो आत्माओं को मसीह के लिए जीत ले।

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