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महीने को, ताकि वह बही में उतारा जा सके।
लंदन और पश्चिम»
मेथोडिस्टों की शिक्षाएँ, जिन पर उनके पूर्ववर्ती ने आक्षेप किया था, हर गिरजाघर में प्रचारित की जानी चाहिए।
वे ऐसे व्यक्ति थे जिन्होंने मृत्यु और आने वाले न्याय के विषय में लिखने और प्रचार करने का साहस किया।
एबी की English Church and its Bishops में हमें उनका डॉ. डॉड्रिज को लिखा एक पत्र मिलता है।
यह एक ताज़गी देने वाला दस्तावेज़ है।
वे कहते हैं:
हमारे बीच भेद के अन्य जो भी विषय हों, फिर भी मुझे विश्वास है कि हम सुसमाचार के ज्ञान को फैलाने और उसके अनुसार लोगों के जीवन और आचरण को सुधारने के हार्दिक उत्साह में एक हैं।
मैंने धर्म की सच्ची आत्मा और सुखदायी आशाओं को अटकलों की बहुतायत में और प्रकाशन के विरोध में स्वाभाविक धर्म को खड़ा करने के व्यर्थ दिखावों में खोते देखा है; और जब तक हम इतने दीन न हों कि जान लें
मसीह और उसी क्रूस पर चढ़ाए हुए को, तब तक सुधार की बहुत कम आशा है।?
चर्चवार्डनों की शिकायतों पर डॉ. शरलॉक के उत्तर के विषय में हम कुछ नहीं जानते; परन्तु उनका पत्र दिखाता है कि वे उन लोगों को चुप कराने को उत्सुक न होते जो मसीह और उसी क्रूस पर चढ़ाए हुए के प्रचार के द्वारा सफलतापूर्वक 'सुसमाचार के ज्ञान को फैला रहे और लोगों के जीवन और आचरण को सुधार रहे थे।'
हमने सेंट बार्थोलोम्यू के मामले में घटनाक्रम से आगे की बात कह दी है, और अब हमें 1747 में जॉन वेस्ली के अनुभवों का अपना वर्णन फिर आरम्भ करना होगा।
वे 21 मई को लंदन लौटे और लगभग एक महीना वहीं रहे।
उस समय वे बहुत व्यस्त रहे।
उनके मुख्य कार्यों पर ध्यान केन्द्रित करते हुए हम पहले यह देखते हैं कि उन्होंने लंदन की सोसाइटी के प्रबन्ध में एक महत्त्वपूर्ण परिवर्तन किया।
उन्होंने स्टुअर्डों की संख्या, हमारे अनुमान से फ़ाउंड्री में, सोलह से घटाकर सात कर दी और उनके लिए 'निर्देश' तैयार किए।
जो लोग मेथोडिस्ट कलीसिया की संवैधानिक व्यवस्थाओं के विकास को देखते हैं, वे इन निर्देशों की सावधानी से जाँच करेंगे।
1. तुम पवित्र आत्मा और बुद्धि से परिपूर्ण पुरुष होने चाहिए, ताकि तुम सब कुछ ऐसी रीति से करो जो परमेश्वर को स्वीकार्य हो। 2. सोसाइटी के सांसारिक कार्यों का निपटारा करने के लिए तुम्हें हर मंगलवार और गुरुवार की सुबह उपस्थित रहना है।
3. तुम्हें हर सभा का आरम्भ और अन्त परमेश्वर से अपने सब कार्यों पर आशीष के लिए गम्भीर प्रार्थना के साथ करना है।
4. तुम्हें हर महीने के पहले मंगलवार को अपना हिसाब प्रस्तुत करना है, ताकि वह बही में उतारा जा सके।
1एबी की English Church and its Bishops, ii. 52.
