यह हिन्दी संस्करण UECF.NET के लिए AI-सहायता से किए गए पूर्ण अनुवाद और सम्पादकीय गुणवत्ता-समीक्षा के द्वारा तैयार किया गया है। अध्ययन के लिए अंग्रेज़ी मूल पाठ ही प्रामाणिक है। कोई त्रुटि दिखे तो [email protected] पर लिखें।
यहोशू 21
यहोशू 21:1-19
1. तब लेवियों के पितरों के घरानों के मुख्य मुख्य पुरुष एलीआज़ार याजक, और नून के पुत्र यहोशू, और इस्राएली गोत्रों के पितरों के घरानों के मुख्य मुख्य पुरुषों के पास आए;
1. Accesserunt autem principes patrum Levitarum ad Eleazar sacerdotem, et ad Josue filium Nun, et ad principes patrum tribuum filiorum Israel.
2. और कनान देश के शीलो में उनसे कहने लगे, यहोवा ने मूसा के द्वारा आज्ञा दी थी कि हमें बसने के लिये नगर, और हमारे पशुओं के लिये उन नगरों की चराइयाँ भी दी जाएँ।
2. Loquutique sunt ad eos in Silo in terra Chanaan, dicendo, Jehova praecepit per manum Mosis ut daretis nobis urbes ad habitandum, et suburbana earum pro animalibus nostris.
3. तब इस्राएलियों ने यहोवा के कहने के अनुसार अपने अपने निज भाग में से लेवियों को चराइयों समेत ये नगर दिए।
3. Dederunt ergo filii Israel Levitis de haereditate sua, secundum sermonem Jehovae, urbes istas et suburbana earum.
4. और कहातियों के कुलों के नाम पर चिट्ठी निकली; और लेवियों में से हारून याजक की सन्तान को चिट्ठी डालकर
4. Egressa est autem sors per familias Caethitarum: fueruntque filiis Aaron sacerdotis de Levitis, de tribu Juda, et de tribu Simeon, et de tribu Benjamin per sortem, urbes tredecim. यहूदा के गोत्र, और शिमोन के गोत्र, और बिन्यामीन के गोत्र के भागों में से तेरह नगर मिले।
5. और बाकी कहातियों को एप्रैम के गोत्र के कुलों, और दान के गोत्र, और मनश्शे के आधे गोत्र के भागों में से चिट्ठी डालकर दस नगर मिले।
5. Filiis autem Ceath reliquis, de familiis tribus Ephraim, et de tribu Dan, et de dimidia tribu Manasse, per sortem, urbes decem.
6. और गेर्शोनियों को चिट्ठी डालकर
6. Filiis vero Gerson de familiis tribus Issachar, et de tribu Aser, et de tribu Nephthali, et de dimidia tribu Manasse in Basan per sortem, urbes tredecim. इस्साकार के गोत्र के कुलों, और आशेर के गोत्र, और नप्ताली के गोत्र, और बाशान में के मनश्शे के आधे गोत्र के भागों में से तेरह नगर मिले।
7. कुलों के अनुसार मरारियों को रूबेन के गोत्र, और गाद के गोत्र, और जबूलून के गोत्र के भागों में से बारह नगर मिले।
7. Filiis Merari per familias suas, de tribu Ruben, et de tribu Gad, et de tribu Zabulon, urbes duodecim.
8. जो आज्ञा यहोवा ने मूसा के द्वारा दी थी उसके अनुसार इस्राएलियों ने लेवियों को चराइयों समेत ये नगर चिट्ठी डालकर दिए।
8. Dederunt, inquam, filii Israel Levitis urbes has, et suburbana earum, sicut praeceperat Jehova per manum Mosis, per sortem.
9. उन्होंने यहूदियों के गोत्र और शिमोनियों के गोत्र के भागों में से ये नगर, जिनके नाम यहाँ लिखे हैं, दिए;
9. Dederunt ergo de tribu filiorum Juda, et de tribu filiorum Simeon, urbes istas quas vocavit nomine.
10. ये नगर लेवियों की सन्तान में से कहाती
10. Fueruntque filiis Aaron de familiis Ceath, de filiis Levi: illis enim fuit sors prima. कुलों में के हारून की सन्तान को मिले; क्योंकि पहली चिट्ठी उन्हीं के नाम पर निकली थी।
11. अर्थात् उन्होंने उनको अनाक के पिता अर्बा का नगर, जो हेब्रोन है, यहूदा के पहाड़ी देश में
11. Dederuntque eis Ciriath-arba patris Anac (ipsa est Hebron) in monte Juda, et suburbana ejus per circuitum ejus. उसके चारों ओर की चराइयों समेत दे दिया।
12. परन्तु उस नगर के खेत और उसके गाँव उन्होंने यपुन्ने के पुत्र कालेब को उसकी निज भूमि करके दे दिए।
12. Agrum vero ejus urbis et villas ejus dederunt Caleb filio Jephune in possessionem ejus.
13. इस प्रकार उन्होंने हारून याजक की सन्तान को खूनी के शरणनगर के लिये चराइयों समेत हेब्रोन, और चराइयों समेत लिब्ना,
13. Filiis, inquam, Aaron sacerdotis dederunt urbem refugii homicidae, Hebron, et suburbana ejus, et Libna et suburbana ejus.
14. और चराइयों समेत यत्तीर, और चराइयों समेत एश्तमो,
14. Et Jathir et suburbana ejus, et Esthemoa et suburbana ejus.
15. और चराइयों समेत होलोन, और चराइयों समेत दबीर,
15. Holon et suburbana ejus, et Debir et suburbana ejus.
16. और चराइयों समेत ऐन, और चराइयों समेत युत्ता, और चराइयों समेत बेतशेमेश दिए;
16. Et Ain et suburbana ejus, et Jutta et suburbana ejus: et Bethsemes et suburbana ejus: urbes novem de duabus tribubus istis. इस प्रकार उन दोनों गोत्रों के भागों में से नौ नगर दिए गए।
17. और बिन्यामीन के गोत्र के भाग में से चराइयों समेत गिबोन, और चराइयों समेत गेबा,
17. De tribu vero Benjamin, Gibeon et suburbana ejus, et Geba et suburbana ejus.
18. चराइयों समेत अनातोत, और चराइयों समेत अल्मोन; ये चार नगर दिए गए।
18. Anathoth et suburbana ejus, Almon et suburbana ejus: urbes quatuor.
19. इस प्रकार हारूनवंशी याजकों के सब नगर चराइयों समेत तेरह ठहरे।
19. Omnes urbes filiorum Aaron sacerdotum, tredecim urbes et suburbana earum.
1. “तब लेवियों के पितरों के घरानों के मुख्य मुख्य पुरुष आए” इत्यादि। यहाँ हमें बाद के समय में उस बात का वृत्तान्त मिलता है जो पहले होनी चाहिए थी। क्योंकि लेवियों को नगर सौंपे जाने से पहले कोई शरणनगर ठहराए नहीं गए थे। इसके साथ वह बात भी जोड़ी जा सकती है जो पहले कही गई थी, कि यहोशू और एलीआज़ार ने देश के बाँटने का काम पूरा कर लिया था। परन्तु जब तक लेवियों का निवास-स्थान निश्चित न हो गया, तब तक देश सचमुच बाँटा हुआ नहीं था। इसलिये हमें यह समझना चाहिए कि जब दस गोत्रों के नाम पर चिट्ठी डाली गई, तब कनान देश में लेवियों के निवास के लिये कुछ नगर अलग रख छोड़े गए थे। यरदन के पार तो उनका भाग उन्हें पहले ही सौंपा जा चुका था। परन्तु जब लेवीय आगे आकर परमेश्वर के दिए हुए अनुदान की पुष्टि का निवेदन करते हैं, तो सम्भव है कि जब तक उन्होंने स्वयं अपना पक्ष न रखा तब तक उनकी उपेक्षा होती रही। क्योंकि प्रायः ऐसा ही होता है: हर एक अपने ही कामों की चिन्ता में इतना लगा रहता है कि भाइयों तक को भूल जाता है। निश्चय ही यह लोगों के लिये लज्जा की बात थी कि उनका कान पकड़कर खींचना पड़ा, और उन्हें वह बात स्मरण दिलानी पड़ी जिसकी आज्ञा प्रभु ने लेवियों के विषय में स्पष्ट रूप से दी थी। परन्तु यदि लेवियों ने अपने लिये निवास-स्थान न माँगा होता, तो इस बात का भय था कि वे खुले आकाश के नीचे पड़े रहने को छोड़ दिए जाते; तौभी साथ ही हमें यह निष्कर्ष निकालने की अनुमति है कि लोगों ने छल करने की किसी मंशा से नहीं, वरन् लापरवाही और भूल से अधिक चूक की थी, क्योंकि चिताए जाते ही वे तनिक भी विलम्ब नहीं करते; वरन् उनकी आज्ञाकारिता की प्रशंसा की गई है, कि उन्होंने प्रभु के वचन के अनुसार वही किया जो न्यायसंगत और उचित था।
4. “और कहातियों के कुलों के नाम पर चिट्ठी निकली” इत्यादि। यहाँ पहले उन नगरों की संख्या का वर्णन है जिनके विषय में हमें आगे चलकर बोलना होगा। दूसरे, यह स्पष्ट रूप से कहा गया है कि हारून की सन्तान के नाम पर यहूदा के गोत्र में चिट्ठी निकली। यह संयोग से नहीं हुआ, क्योंकि परमेश्वर ने अपनी अद्भुत युक्ति से उन्हें उसी स्थान में बसाया जहाँ उसने अपने लिये मन्दिर चुनने का निश्चय किया था। तीसरे, वृत्तान्त आगे बढ़कर उन नगरों के ठीक ठीक नाम बताता है, जिनमें सबसे पहले हेब्रोन का उल्लेख है, जिससे वंचित किए जाने को कालेब ने बड़ी समचित्तता से स्वीकार कर लिया। यदि कोई यह आपत्ति करे कि सब नगरों में सबसे पहले तो उन्हें यरूशलेम दिया जाना चाहिए था, जहाँ आगे चलकर उनका ठिकाना होना था, तो इसका उत्तर देना सहज है कि उन्हें उनकी दशा के अनुकूल मध्यम आकार के नगर सौंपे गए। इसके अतिरिक्त, यरूशलेम उस समय तक वश में नहीं किया गया था, क्योंकि वह यबूसियों के अधिकार में बना रहा। संक्षेप में, याजकों को राजधानी सौंपना बेतुकी बात होती। और उनका धर्म और विश्वास इसी बात से और भी अच्छी रीति से प्रमाणित हुआ कि वे पवित्र बातों में मन लगाने के लिये अपनी इच्छा से अपनी जन्मभूमि छोड़कर चले गए। क्योंकि कोई भी याजक परदेशी बने बिना अपना पद नहीं निभाता था। तौभी उनकी निर्बलता का इतना ध्यान रखा गया कि उन्हें पास पास के नगर दिए गए, ताकि अपनी सेवा करने को जाते हुए उन्हें लम्बी यात्रा की थकान न उठानी पड़े। इसके अतिरिक्त, एक ही घराने को, और वह भी कुछ बहुत बड़ा नहीं, निवास के लिये तेरह नगरों का दिया जाना उस बात की पुष्टि करता है जो मैंने अन्यत्र कही है, कि अन्य गोत्रों के अधिकार में बहुत से ऐसे नगर थे जिनका कोई उल्लेख नहीं किया गया; थोड़ी ही देर में यह बात और भी निश्चित रूप से पुष्ट हो जाएगी।
यहोशू 21:20-45
20. और बाकी कहाती लेवियों के कुलों को, अर्थात् कहातियों में से जो रह गए थे उनको, चिट्ठी के द्वारा मिले हुए नगर एप्रैम के गोत्र के भाग में से दिए गए।
20. Familiis vero filiarum Cahath Levitarum, qui residui erant de filiis Cahath (fuerunt autem urbes sortis eorum de tribu Ephraim.)
21. अर्थात् उन्होंने उनको खूनी के शरणनगर के लिये एप्रैम के पहाड़ी देश में चराइयों समेत शकेम दिया;
21. Dederunt, inquam, illis urbem refugii homicidae Sechem, et suburbana ejus in monte Ephraim: et Geser et suburbana ejus. और चराइयों समेत गेजेर, लातीनी में, "Plurimis urbibus." फ्रांसीसी में, "Plusieurs villes:" "बहुत से नगर।" — सं.
22. और चराइयों समेत किबसैम, और चराइयों समेत बेथोरोन; ये चार नगर दिए गए।
22. Et Cibsaim et suburbana ejus: et Beth-horon et suburbana ejus: urbes quatuor.
23. और दान के गोत्र के भाग में से चराइयों समेत एलतके, और चराइयों समेत गिब्बतोन,
23. De tribu vero Dan, Elthece et suburbana ejus: et Gibbethon et suburbana ejus.
24. चराइयों समेत अय्यालोन, और चराइयों समेत गत्रिम्मोन; ये चार नगर दिए गए।
24. Et Ajalon et suburbana ejus, et Gath-rimmon et suburbana ejus: urbes quatuor.
25. और मनश्शे के आधे गोत्र के भाग में से चराइयों समेत तानाक, और चराइयों समेत गत्रिम्मोन; ये दो नगर दिए गए।
25. De dimidia vero tribu Manasse Thaanach, et suburbana ejus: Gathrimmon et suburbana ejus: urbes duae.
26. इस प्रकार बाकी कहातियों के कुलों के सब नगर चराइयों समेत दस ठहरे।
26. Omnes urbes decem, et suburbana earum, familiis filiorum Cahath residuis.
27. फिर लेवियों के कुलों में के गेर्शोनियों को मनश्शे के दूसरे आधे गोत्र के भाग में से खूनी के शरणनगर के लिये चराइयों समेत बाशान का गोलान, और चराइयों समेत बेशतरा दिए गए; ये दो नगर मिले।
27. Porro filiis Gerson de familiis Levitarum, de dimidia tribu Manasse urbem refugii homicidae, Golan in Basan, et suburbana ejus, Beesthera et suburbana ejus: urbes duae.
28. और इस्साकार के गोत्र के भाग में से चराइयों समेत किश्योन, और चराइयों समेत दाबरात,
28. De tribu Issachar, Cision et suburbana ejus: Dabrath et suburbana ejus.
29. चराइयों समेत यर्मूत, और चराइयों समेत एनगन्नीम; ये चार नगर दिए गए।
29. Iarmuth et suburbana ejus: Engannim et suburbana ejus: urbes quatuor.
30. और आशेर के गोत्र के भाग में से चराइयों समेत मिशाल, और चराइयों समेत अब्दोन,
30. De tribu autem Aser, Misal et suburbana ejus: Abdon et suburbana ejus.
31. चराइयों समेत हेल्कात, और चराइयों समेत रहोब; ये चार नगर दिए गए।
31. Helcath et suburbana ejus, et Rehob et suburbana ejus: urbes quatuor.
32. और नप्ताली के गोत्र के भाग में से खूनी के शरणनगर के लिये चराइयों समेत गलील का केदेश, और चराइयों समेत हम्मोतदोर, और चराइयों समेत कर्तान; ये तीन नगर दिए गए।
32. De tribu vero Nephthaliurbem refugii homicidae, Cedes in Galil et suburbana ejus: et Hamoth-dor et suburbana ejus: et Carthan et suburbana ejus: urbes tres.
33. गेर्शोनियों के कुलों के अनुसार उनके सब नगर चराइयों समेत तेरह ठहरे।
33. Omnes urbes Gersonitarum per familias suas, tredecim urbes, et suburbana earum.
34. फिर बाकी लेवियों, अर्थात् मरारियों के कुलों को जबूलून के गोत्र के भाग में से चराइयों समेत योकनाम, और चराइयों समेत कर्ता,
34. Familiis autem filiorum Merari Levitarum residuorum, de tribu Zabulon: Jocneam et suburbana ejus: Cartha et suburbana ejus.
35. चराइयों समेत दिम्ना, और चराइयों समेत नहलाल; ये चार नगर दिए गए।
35. Dimnah et suburbana ejus, Nahalal et suburbana ejus: urbes quatuor.
36. और रूबेन के गोत्र के भाग में से चराइयों समेत बेसेर, और चराइयों समेत यहसा,
36. De tribu vero Ruben, Beser et suburbana ejus: et Jehasa et suburbana ejus.
37. चराइयों समेत कदेमोत, और चराइयों समेत मेपात; ये चार नगर दिए गए।
37. Cedemoth et suburbana ejus: Mephaath et suburbana ejus: urbes quatuor.
38. और गाद के गोत्र के भाग में से खूनी के शरणनगर के लिये चराइयों समेत गिलाद का रामोत;
38. Et de tribu Gad, urbem refugii homicidae, Ramoth in Gileath et suburbana ejus: et Mahanaim et suburbana ejus. और चराइयों समेत महनैम,
39. चराइयों समेत हेशबोन, और चराइयों समेत याजेर; सब मिलकर चार नगर दिए गए।
39. Hesbon et suburbana ejus: Jaazer et suburbana ejus: urbes quatuor.
40. लेवियों के कुलों में से जो रह गए थे, अर्थात् मरारियों के कुलों के अनुसार उनके सब नगर ये ठहरे; इस प्रकार चिट्ठी के द्वारा उनको बारह नगर मिले।
40. Omnes urbes filiorum Merari per familias suas qui residui erant de familiis Levitarum, ut fuit sors eorum, urbes duodecim.
41. इस्राएलियों की निज भूमि के बीच लेवियों के सब नगर चराइयों समेत अड़तालीस ठहरे।
41. Omnes urbes Levitarum, in medio possessionis filiorum Israel, urbes quadraginta octo et suburbana earum.
42. ये सब नगर अपने अपने चारों ओर की चराइयों समेत ठहरे; इन सब नगरों की यही दशा थी।
42. Fuerunt urbes istae singulae, et suburbana earum per circuitum ipsarum: sic omnibus urbibus istis.
43. इस प्रकार यहोवा ने इस्राएलियों को वह सारा देश दिया, जिसे उसने उनके पूर्वजों से शपथ खाकर देने को कहा था; और वे उसके अधिकारी होकर उसमें बस गए।
43. Dedit itaque Jehova Israeli universam terram de qua juraverat se daturum eam patribus eorum: et possederunt eam, habitaveruntque in ea.
44. और यहोवा ने उन सब बातों के अनुसार जो उसने उनके पूर्वजों से शपथ खाकर कही थीं, उन्हें चारों ओर से विश्राम दिया; और उनके शत्रुओं में से कोई भी उनके सामने टिक न सका; यहोवा ने उनके सब शत्रुओं को उनके हाथ में कर दिया।
44. Requiem quoque dederit eis Jehova in circuitu prosus ut juraverat Jehova patribus eorum: neque fuit quisquam qui resisteret illis ex omnibus inimicis eorum: omnes inimicos eorum tradidit Jehova in manum eorum.
45. जितनी भलाई की बातें यहोवा ने इस्राएल के घराने से कही थीं उनमें से कोई भी बात न छूटी; सब की सब पूरी हुईं।
45. Non cecidit ullum verbum ex omni bono quod loquutus fuerat Jehova ad domum Israel, omnia evenerunt.
20. “और बाकी कहातियों के कुलों को” इत्यादि। लेवियों का भिन्न भिन्न गोत्रों में बिखेरा जाना क्यों आवश्यक था, यह पाठक मूसा की पुस्तकों पर मेरी टीकाओं में देख सकता है। यह बिखराव सचमुच उनके मूलपुरुष पर उस क्रूरता और विश्वासघात के दण्ड के रूप में डाला गया था जो उसने शकेम के लोगों के साथ की थी; परन्तु उसकी लज्जा को इस प्रकार सबसे बड़े सम्मान में बदल दिया गया कि वे हर एक प्रदेश में एक प्रकार के रखवाले ठहराए गए, ताकि लोगों को परमेश्वर की शुद्ध उपासना में स्थिर रखें। यह सच है कि वे हर जगह परदेशी थे; तौभी यह परमेश्वर के भण्डारी होकर काम करने, और अपने देशवासियों को भक्ति से फिर जाने से रोकने की अति ऊँची प्रतिष्ठा के साथ था। यही कारण है कि इतनी सावधानी से बताया गया है कि उन्होंने हर एक गोत्र से कितने नगर पाए; उन्हें हर जगह पहरा देना था, और पवित्र विधियों की शुद्धता को अखण्ड बनाए रखना था।
41. “लेवियों के सब नगर” इत्यादि। यह स्थल विशेष रूप से वह बात दिखाता है जिसकी ओर मैं एक से अधिक बार संकेत कर चुका हूँ, कि अन्य गोत्रों की सीमाएँ इतनी संकुचित नहीं थीं कि उनमें वास्तव में उल्लिखित नगरों से कहीं अधिक नगर न समाए हों। यह भली भाँति विदित है कि सब गोत्रों में लेवी की संख्या सबसे कम थी। तो फिर किस न्याय से उसे जबूलून के गोत्र को दिए गए स्थान से चौगुने स्थान पर फैलने दिया जा सकता था, जबकि जबूलून अधिक जनसंख्या वाला होते हुए भी केवल बारह नगरों का स्वामी बताया गया है? इस्साकार के गोत्र के केवल सोलह नगर गिनाए गए हैं, नप्ताली के गोत्र के उन्नीस, और आशेर के गोत्र के बाईस। निश्चय ही यह असमान बँटवारा होता कि थोड़ी जनसंख्या को बसने के लिये अधिक नगर दिए जाएँ। इससे हम यह निष्कर्ष निकालते हैं कि न केवल वे गाँव, जो यहाँ नगरों के अधीन बताए गए हैं, बसने योग्य थे, वरन् दूसरे नगर भी, जिनका कोई उल्लेख नहीं है, उनमें सम्मिलित थे। संक्षेप में, लेवी के भाग का विस्तार यह पूरी रीति से स्पष्ट कर देता है कि अन्य गोत्रों के प्रदेश कितने बड़े और विस्तृत रहे होंगे।
43. “इस प्रकार यहोवा ने इस्राएलियों को दिया” इत्यादि। यदि कोई इस विश्राम के विषय में प्रश्न उठाए, तो उत्तर सहज है। कनान की जातियाँ भय से इतनी पूरी तरह दब गई थीं कि उन्होंने सोचा कि इस्राएलियों की दासवत् चापलूसी करने और किसी भी शर्त पर उनसे मेल मोल लेने से बढ़कर वे अपने हित की कोई और युक्ति नहीं कर सकते। इसलिये स्पष्ट है कि देश वश में कर लिया गया था और बसने के लिये शान्त कर दिया गया था, क्योंकि न तो कोई सताता था, और न किसी को कोई बैर की मंशा रखने का साहस होता था, क्योंकि न धमकियाँ थीं, न फन्दे, न उपद्रव, न षड्यन्त्र।
तौभी एक दूसरी बात कुछ सन्देह उत्पन्न करती है, अर्थात् यह कि इस्राएलियों के विषय में यह कैसे कहा जा सकता है कि वे अपने से प्रतिज्ञा किए हुए देश के अधिकार में बसा दिए गए और उसके स्वामी बन गए, और वह भी इस अर्थ में कि उसके उपभोग के सम्बन्ध में परमेश्वर की प्रतिज्ञाओं का एक अक्षर भी न छूटा। क्योंकि हम पहले ही देख चुके हैं कि बहुत से शत्रु उनके बीच मिले-जुले रह गए थे। परमेश्वर का अभिप्राय यह था कि शत्रुओं में से एक को भी रहने न दिया जाए; दूसरी ओर, इस्राएली बहुतों को नहीं निकालते, वरन् उन्हें पड़ोसी के रूप में ऐसे रहने देते हैं मानो वह निज भाग उनका साझा हो; वे उनसे वाचाएँ तक बाँधते हैं। तो फिर ये दो बातें कैसे मेल खा सकती हैं, कि परमेश्वर ने अपनी प्रतिज्ञा के अनुसार लोगों को देश का अधिकार दे दिया, और फिर भी शत्रु की शक्ति या हठीले विरोध के कारण वे उसके किसी भाग से वंचित रह गए?
इस विरोधाभास के आभास को दूर करने के लिये यह आवश्यक है कि हम अपनी प्रतिज्ञाओं को पूरा करने में परमेश्वर की निश्चित, स्पष्ट और अटल सच्चाई में, और लोगों की ढिलाई और आलस्य में भेद करें, जिसके कारण ईश्वरीय भलाई का लाभ मानो उनके हाथों से फिसल गया। लोगों ने जो भी युद्ध छेड़ा, जिस किसी दिशा में उन्होंने अपने झण्डे बढ़ाए, विजय तैयार थी; और अपने सब शत्रुओं को नष्ट करने में उनकी अपनी स्वेच्छा से ओढ़ी हुई सुस्ती के सिवाय और कोई विलम्ब या बाधा न थी। इसलिये यद्यपि उन्होंने उन सब को ऐसा नहीं खदेड़ा कि उनका अधिकार निर्विघ्न हो जाता, तौभी परमेश्वर की सच्चाई प्रत्यक्ष रूप से प्रकट हुई और पूरी हुई, क्योंकि यदि वे अपने सामने रखी गई विजयों का लाभ उठाना चाहते, तो जो कुछ शेष रह गया था उसे बिना किसी कठिनाई के प्राप्त कर सकते थे। सारी बात का निचोड़ यह है कि वे ईश्वरीय भलाई का उसकी सम्पूर्ण परिपूर्णता और अखण्डता में आनन्द न उठा सके, तो यह पूरी तरह उनकी अपनी कायरता के कारण था। यह बात अगले अध्याय से और भी स्पष्ट हो जाएगी।
फ्रांसीसी में, "Ils penserent qu'il n'y avoit rien meilleur pour eux ni plus expedient, que de racheter la paix avec les enfans d'Israel, en faisans les chiens couchans (comme l'on dit) devant eux, et leur gratifiant en toutes choses;" "उन्होंने सोचा कि उनके लिये इससे बढ़कर अच्छा और लाभदायक और कुछ नहीं कि वे इस्राएलियों के सामने (कहावत के अनुसार) दुम हिलाते कुत्तों के समान बनकर और हर बात में उन्हें प्रसन्न करके उनसे मेल मोल ले लें।" — सं.
लातीनी में, "Verum de secundo ambigitur." फ्रांसीसी में, "Mais il y a plus grande difficulte sur le second point;" "परन्तु दूसरी बात के विषय में अधिक कठिनाई है।" — सं.
