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आत्मिक रीति से जीवित। पवित्रशास्त्र में उसे "जीवन का आत्मा" कहा गया है।
जिनमें आत्मा है, वे आरम्भ में भिन्न-भिन्न मार्गों से चलाए जा सकते हैं—परन्तु देर-सबेर वे सब एक ही सकरे मार्ग में ले आए जाते हैं। सुसमाचार के सत्य के विषय में उनके मुख्य विचार एक-से होते हैं; उनकी मुख्य अभिलाषाएँ एक-सी होती हैं; उनका सामान्य चाल-चलन एक-सा होता है। स्वभाव की दृष्टि से वे एक-दूसरे से बहुत भिन्न हो सकते हैं—परन्तु आत्मिक स्वभाव अपनी मुख्य विशेषताओं में सदा एक ही होता है। पवित्र आत्मा सदा एक ही सामान्य प्रकार के प्रभाव उत्पन्न करता है। निस्सन्देह जिन हृदयों में वह कार्य करता है उनके अनुभव में भेद और विविधता के अन्तर होते हैं—परन्तु उनके विश्वास और जीवन की सामान्य रूपरेखा सदा वही रहती है।
तो वे सामान्य प्रभाव क्या हैं जो आत्मा उन लोगों में सदा उत्पन्न करता है जिनमें सचमुच वह है? आत्मा में उसकी उपस्थिति के चिह्न क्या हैं? यही प्रश्न अब विचार के लिये शेष है। आइए, हम इन चिह्नों को क्रम से लिखने का प्रयत्न करें।
1. जितनों में आत्मा है, वे सब उसके द्वारा जिलाए जाते हैं और आत्मिक रीति से जीवित किए जाते हैं। पवित्रशास्त्र में उसे "जीवन का आत्मा" कहा गया है। (रोमियों 8:3.) हमारे प्रभु यीशु मसीह कहते हैं, "आत्मा तो जीवनदायक है।" (यूहन्ना 6:63.) हम सब स्वभाव से अपराधों और पापों में मरे हुए हैं। सच्चे धर्म के विषय में न हमें कोई अनुभूति है, न कोई रुचि। न हममें विश्वास है, न आशा, न भय, न प्रेम। हमारे हृदय जड़ता की दशा में हैं; पवित्रशास्त्र में उनकी तुलना पत्थर से की गई है। हम धन, विद्या, राजनीति या सुख-विलास के विषय में जीवित हो सकते हैं—परन्तु परमेश्वर के प्रति मरे हुए हैं। जब आत्मा हृदय में आता है तब यह सब बदल जाता है। वह हमें इस मृत्यु की दशा से उठाता है और नई सृष्टि बना देता है। वह विवेक को जगाता है और इच्छा को परमेश्वर की ओर झुकाता है। वह पुरानी बातों को जाने देता है और सब कुछ नया कर देता है। वह हमें नया हृदय देता है; वह हमसे पुराने मनुष्यत्व को उतरवाता और नए को पहनवाता है। वह हमारी सोई हुई शक्तियों के कान में तुरही फूँकता है, और हमें ऐसे संसार में चलने को भेजता है मानो हम नए प्राणी हों।
चुपचाप कब्र में बन्द लाज़र, और हमारे प्रभु की आज्ञा पर बाहर निकल आनेवाले लाज़र में कितना अन्तर था! रोते हुए मित्रों के बीच अपने बिस्तर पर ठण्डी पड़ी याईर की बेटी, और याईर की
