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इस लेख को पढ़नेवाले हर एक जन से। यह छोटा और स्पष्ट होगा—परन्तु यह
क्षमा पाई हुई आत्माओं के वे चिह्न जो पवित्रशास्त्र में बताए गए हैं। मैं अपने आसपास के बहुत से स्त्री-पुरुषों में इन चिह्नों का पूरा अभाव देखता हूँ। तब मैं इस निष्कर्ष से कैसे बच सकता हूँ कि वे अब तक "क्षमा पाए हुए" नहीं हैं? और यदि मैं इसे साफ़ शब्दों में न लिखूँ, तो एक विश्वासयोग्य पहरुए का काम कैसे करूँगा? जब शान्ति है ही नहीं, तब शान्ति! शान्ति! पुकारने से क्या लाभ? झूठे वैद्य का रूप धरकर लोगों से यह कहना कि कोई खतरा नहीं, जबकि वे सचमुच अनन्त मृत्यु के निकट तेज़ी से बढ़ते जा रहे हैं—इसमें कौन-सी सच्चाई है? निश्चय ही यदि मैं तुम्हें सत्य से कम कुछ भी लिखूँ, तो आत्माओं के लहू का लेखा मुझसे लिया जाएगा। "यदि तुरही का शब्द साफ़ न हो, तो कौन लड़ाई के लिए तैयारी करेगा?" (1 कुरिन्थियों 14:8)
इसलिए इस विषय के भुला दिए जाने से पहले अपने आप को जाँचो। विचार करो कि तुम्हारा धर्म किस प्रकार का है। उसे उन पाँच चिह्नों से परखो जो मैंने अभी तुम्हारे सामने रखे हैं। मैंने उन्हें यथासम्भव व्यापक और सामान्य बनाने का प्रयत्न किया है, ऐसा न हो कि मैं किसी ऐसे हृदय को उदास कर दूँ जिसे परमेश्वर ने उदास नहीं किया। यदि तुम उनके विषय में थोड़ा-सा भी जानते हो, तो मैं धन्यवादी हूँ, और तुमसे विनती करता हूँ कि आगे बढ़ते जाओ। परन्तु यदि अपने अनुभव में तुम उनके विषय में कुछ भी नहीं जानते, तो मुझे पूरे स्नेह से कहने दो कि मुझे तुम्हारे विषय में सन्देह है। मैं तुम्हारी आत्मा के लिए काँपता हूँ!
1. और अब, समाप्त करने से पहले, मैं इस लेख को पढ़नेवाले हर एक जन से एक सीधा प्रश्न पूछता हूँ। वह छोटा और स्पष्ट होगा—परन्तु अत्यन्त महत्त्वपूर्ण है: "क्या तुम क्षमा पाए हुए हो?"
क्षमा के विषय में जो कुछ मैं कह सकता था, वह सब मैंने तुम्हें बता दिया है। क्षमा की तुम्हारी आवश्यकता—क्षमा का मार्ग—क्षमा खोजने के लिए प्रोत्साहन—उसे पा लेने के चिह्न—ये सब तुम्हारे सामने रखे गए हैं। पूरे विषय को अपने हृदय पर लागू करो, और अपने आप से पूछो, "क्या मैं क्षमा पाया हुआ हूँ? या तो मैं हूँ, या नहीं हूँ। इन दोनों में से कौन-सी बात है?"
तुम शायद मानते हो कि पापों की क्षमा है। तुम मानते हो कि मसीह पापियों के लिए मरा, और वह अत्यन्त अभक्त को भी क्षमा देता है। परन्तु क्या तुम स्वयं क्षमा पाए हुए हो? क्या तुमने स्वयं विश्वास के द्वारा मसीह को पकड़ लिया है, और उसके लहू के द्वारा शान्ति पाई है? क्या लाभ
