परमेश्वर की व्यवस्था के विषय में
On the Law of God
जॉन कैल्विन

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इस पुस्तक के बारे में
“परमेश्वर की व्यवस्था के विषय में” — जॉन कैल्विन की रचना। व्यवस्था पर कैल्विन की शिक्षा — मसीही धर्म की संस्थाएँ और अन्य लेखों से।
यह हिंदी अनुवाद UECF.NET के अंग्रेज़ी वेब संस्करण (मोनरजिज़्म बुक्स (2018)) से किया गया है। अंग्रेज़ी पाठ का अनुवाद/संपादन मोनरजिज़्म बुक्स को श्रेय दिया गया है; इस संस्करण की अधिकार-स्थिति सत्यापित नहीं है। पृष्ठ-संख्याएँ और पाद-टिप्पणियाँ मूल के अनुसार रखी गई हैं। बाइबल के संदर्भ मुद्रित प्रति के अनुसार रखे गए हैं; पुस्तकों के नाम हिंदी बाइबल (O.V.) के अनुसार दिए गए हैं। यह अनुवाद UECF.NET के लिए AI-सहायता से किया गया पूर्ण अनुवाद है और संपादकीय गुणवत्ता-समीक्षा से तैयार हुआ है; किसी मानव अनुवादक का नाम इससे संबद्ध नहीं किया गया है।
जॉन कैल्विन के बारे में
जॉन कैल्विन (1509–1564) फ्रांसीसी धर्म-सुधारक, धर्मविज्ञानी और जिनेवा की कलीसिया के पासबान थे। 1536 में पहली बार प्रकाशित और 1559 तक विस्तारित उनकी “मसीही धर्म की संस्थाएँ” (Institutes of the Christian Religion) प्रोटेस्टेंट धर्म-सुधार की सबसे प्रभावशाली धर्मवैज्ञानिक रचनाओं में से एक है। उन्होंने बाइबल की अधिकांश पुस्तकों पर टीकाएँ, तथा अनेक उपदेश और ग्रन्थ लिखे; सुधारवादी कलीसियाओं की शिक्षा और शासन पर उनका प्रभाव आज तक बना हुआ है।
यह जीवन-परिचय कैल्विन के जीवन के विषय में व्यापक रूप से प्रलेखित, सार्वजनिक रूप से उपलब्ध तथ्यों का सारांश है। सुधार [email protected] पर भेजें।
अध्याय
- शीर्षक-पृष्ठ और विषय-सूची≈ 1 मिनट
- हम सब व्यवस्था के द्वारा दोषी ठहरे हैं≈ 47 मिनट
- व्यवस्था हमें निरुत्तर कर देती और निराशा की ओर ले जाती है≈ 46 मिनट
- व्यवस्था की दासता से स्वतंत्रता≈ 36 मिनट
- व्यवस्था की आत्मिकता≈ 42 मिनट
- जब शाप आशीष बन जाता है≈ 37 मिनट
- परमेश्वर का वचन — हमारा एकमात्र नियम≈ 29 मिनट
- नैतिक व्यवस्था की व्याख्या≈ 45 मिनट
- पहली आज्ञा≈ 12 मिनट
- दूसरी आज्ञा≈ 13 मिनट
- तीसरी आज्ञा≈ 20 मिनट
- चौथी आज्ञा≈ 18 मिनट
- पाँचवीं आज्ञा≈ 9 मिनट
- छठवीं आज्ञा≈ 4 मिनट
- सातवीं आज्ञा≈ 10 मिनट
- आठवीं आज्ञा≈ 8 मिनट
- नौवीं आज्ञा≈ 7 मिनट
- दसवीं आज्ञा≈ 34 मिनट
- व्यवस्था के अधीन यहूदियों को मसीह का ज्ञान था, फिर भी वह सुसमाचार के अधीन प्रकट किया गया≈ 19 मिनट
