यह हिन्दी संस्करण अंग्रेज़ी मूल से पूर्ण रूप से, अनुच्छेद-दर-अनुच्छेद, कृत्रिम बुद्धि (AI) की सहायता से अनुवादित है; मानवीय समीक्षा जारी है। अध्ययन के लिए अंग्रेज़ी मूल पाठ ही प्रामाणिक है। कोई त्रुटि दिखे तो [email protected] पर लिखें।
यह शीर्षक उसी पृष्ठ पर आरम्भ होता है जहाँ अध्याय 37 — पाँच सिद्धान्तों का सार है, जहाँ पूरा पाठ आगे चलता है।
2. यीशु मसीह के सरल सुसमाचार का प्रचार करो
2. सरल शब्दों का प्रयोग करो 3. रचना की सरल शैली विकसित करो 4. सीधी शैली का प्रयोग करो 5. किस्सों और दृष्टान्तों का प्रयोग करो पाँच सिद्धान्तों का सार प्रयोग: सरलता के लिए परिश्रम आवश्यक है निष्कर्ष: चार अन्तिम उपदेश
1. केवल प्रभाव नहीं, वरन् स्थायी भलाई का लक्ष्य रखो 2. यीशु मसीह के सरल सुसमाचार का प्रचार करो 3. सजीव प्रस्तुति पर ध्यान दो 4. प्रार्थना, पवित्र आत्मा और पवित्र जीवन पर निर्भर रहो
