बाइबल अध्ययन में आनन्द और लाभ
Pleasure and Profit in Bible Study
डी. एल. मूडी

यह हिन्दी संस्करण मशीन-सहायता से अनुवादित है और समीक्षा की प्रक्रिया में है। अध्ययन के लिए अंग्रेज़ी मूल पाठ ही प्रामाणिक है। कोई त्रुटि दिखे तो [email protected] पर लिखें।
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इस पुस्तक के बारे में
1895 में पहली बार प्रकाशित, ड्वाइट एल. मूडी (1837–1899) की यह व्यावहारिक पुस्तक दिखाती है कि बाइबल को कैसे पढ़ें ताकि वह आनन्द भी बने और काम का औज़ार भी — वचन से निकट सम्पर्क, पूरी हुई भविष्यद्वाणी, दूरबीन और सूक्ष्मदर्शी से अध्ययन की विधियाँ, प्रतिरूप, विषय, शब्द-अध्ययन, बाइबल में निशान लगाना और व्यक्तिगत कार्य।
यह हिन्दी अनुवाद UECF.NET के अंग्रेज़ी वेब संस्करण (फ़्लेमिंग एच. रेवेल, 1895; सार्वजनिक डोमेन) से किया गया है। मूल पाठ का कोई अंश छोड़ा या जोड़ा नहीं गया है; जहाँ किसी अध्ययन का अर्थ अंग्रेज़ी शब्द पर टिका है, वहाँ वह शब्द कोष्ठक में दिया गया है। “पुस्तक-जानकारी” पृष्ठ केवल अंग्रेज़ी में उपलब्ध है।
डी. एल. मूडी के बारे में
ड्वाइट लाइमन मूडी (1837–1899) अमेरिका के प्रसिद्ध सुसमाचार-प्रचारक थे। बोस्टन में जूते की एक दुकान में काम करते हुए उनका हृदय-परिवर्तन हुआ; बाद में उन्होंने शिकागो में सण्डे स्कूल और कलीसिया का काम आरम्भ किया, और अमेरिका तथा ग्रेट ब्रिटेन में विशाल सुसमाचार-सभाएँ कीं।
अध्याय
- प्रस्तावना≈ 1 मिनट
- परमेश्वर के वचन से घनिष्ठ सम्पर्क≈ 15 मिनट
- सन्देह और खोज≈ 25 मिनट
- पुराना और नया नियम≈ 5 मिनट
- मेरी बातें कभी न टलेंगी≈ 6 मिनट
- पूरी हुई भविष्यद्वाणी≈ 14 मिनट
- पाठ-आधारित प्रचार और व्याख्यात्मक प्रचार≈ 10 मिनट
- पढ़ना और अध्ययन करना≈ 7 मिनट
- बाइबल का अध्ययन कैसे करें≈ 12 मिनट
- दूरबीन और सूक्ष्मदर्शी की विधियाँ≈ 40 मिनट
- एक समय में एक पुस्तक≈ 8 मिनट
- प्रतिरूपों का अध्ययन≈ 5 मिनट
- विषयों का अध्ययन≈ 20 मिनट
- शब्द-अध्ययन≈ 5 मिनट
- बाइबल में निशान लगाना≈ 21 मिनट
- व्यक्तिगत कार्य≈ 18 मिनट
- सुझावों का सारांश≈ 3 मिनट
