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प्रार्थना के विषय में
Of Prayer
जॉन कैल्विन

यह हिन्दी संस्करण अंग्रेज़ी मूल से पूर्ण रूप से, अनुच्छेद-दर-अनुच्छेद, कृत्रिम बुद्धि (AI) की सहायता से अनुवादित है; मानवीय समीक्षा जारी है। अध्ययन के लिए अंग्रेज़ी मूल पाठ ही प्रामाणिक है। कोई त्रुटि दिखे तो [email protected] पर लिखें।
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अध्याय
- शीर्षक-पृष्ठ और विषय-सूची≈ 2 मिनट
- प्रार्थना का स्वरूप और मसीही अभ्यास के रूप में उसकी आवश्यकता, खण्ड 1, 2≈ 6 मिनट
- प्रार्थना किससे की जानी चाहिए। एक ऐसी आपत्ति का खण्डन जो मन में सहज ही उठ खड़ी होती है≈ 7 मिनट
- प्रार्थना में पालन किए जानेवाले नियम, खण्ड 4-16≈ 65 मिनट
- किसके द्वारा प्रार्थना की जानी चाहिए, खण्ड 17-19≈ 10 मिनट
- हमारे मध्यस्थ और सहायक के सिद्धान्त के विषय में एक भ्रम का खण्डन, और पवित्र लोगों की मध्यस्थता के पक्ष में दिए जानेवाले प्रमुख तर्कों के उत्तर≈ 33 मिनट
- प्रार्थना का स्वरूप और उसके कुछ आनुषंगिक विषय, खण्ड 28-33≈ 28 मिनट
- प्रार्थना का एक सिद्ध स्वरूप, अर्थात् प्रभु की प्रार्थना की व्याख्या, खण्ड 34-50≈ 62 मिनट
- प्रार्थना के विषय में पालन करने योग्य कुछ नियम, जैसे समय, दृढ़ता, मन की भावना≈ 10 मिनट
