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अध्याय V. — स्वर्गदूतों ने कैसे उल्लंघन किया.

अध्याय V. — स्वर्गदूतों ने कैसे उल्लंघन किया.

राक्षसों के नाश के लिये। और अब तुम यह अपनी ही देखी बात से सीख सकते हो। क्योंकि सारे जगत में अनगिनत दुष्टात्माग्रस्त, और तुम्हारे नगर में, हमारे मसीही मनुष्यों में से बहुतों ने उन्हें यीशु मसीह के नाम में निकालते हुए, जो पुन्तियुस पीलातुस के अधीन क्रूस पर चढ़ाया गया, चंगा किया है और चंगा करते हैं, निर्बल करते और निकालते हुए, वश करनेवाली

परन्तु यदि यह विचार किसी को पकड़ ले,

कि यदि हम परमेश्वर को अपना सहायक मानें, तो हमें, जैसा हम कहते हैं, दुष्टों द्वारा दबाया और सताया न जाना चाहिए ; इसे भी मैं सुलझाऊँगा। परमेश्वर ने, जब उसने सारा जगत बनाया, और पृथ्वी की वस्तुओं को मनुष्य के अधीन किया, और फलों की बढ़ती और ऋतुओं के क्रम के लिये स्वर्गीय तत्त्वों को व्यवस्थित किया, और यह दिव्य नियम ठहराया— क्योंकि ये बातें भी उसने स्पष्टतः मनुष्य के लिये बनाईं — मनुष्यों की और स्वर्ग के नीचे की सब वस्तुओं की देखरेख उन स्वर्गदूतों को सौंपी जिन्हें उसने उन पर नियुक्त किया। परन्तु स्वर्गदूतों ने इस नियुक्ति का उल्लंघन किया, और स्त्रियों के प्रेम में बँध गए, और सन्तान उत्पन्न की जो वे हैं जिन्हें राक्षस कहा जाता है ; और इसके अलावा, उन्होंने बाद में मनुष्यजाति को दबाया अपने-

दुष्टात्माओं को मनुष्यों में से, यद्यपि वे और सब झाड़नेवालों से, और मन्त्र तथा औषधि काम में लानेवालों से चंगे न हो सके.

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