अध्याय IV. — मसीही अपने को क्यों नहीं मार डालते,
कैसर का, न पवित्र सीनेट का।" ^ और उसने लूकियुस को उत्तर में इसके सिवा कुछ नहीं कहा : " तुम
परन्तु कहीं कोई हम से न कहे, " तो तुम सब जाकर अपने को मार डालो, और अभी परमेश्वर के पास चले जाओ, और हमें कष्ट न दो," मैं तुम्हें बताऊँगा हम ऐसा क्यों नहीं करते, परन्तु क्यों, जाँचे जाने पर, हम निर्भ-
मुझे भी ऐसा ही जान पड़ता है।" और जब लूकियुस ने उत्तर दिया, " निश्चय ही मैं हूँ," उसने उसे भी ले जाने की आज्ञा फिर दी। और उसने धन्यवाद माना, यह जानकर कि वह ऐसे दुष्ट शासकों से छुड़ाया गया है, और स्वर्गों के पिता और राजा के पास जा रहा है। और अभी एक तीसरा आगे आकर दण्डित होने को ठहराया गया।
यता से अंगीकार करते हैं। हमें सिखाया गया है कि परमेश्वर ने जगत को बिना उद्देश्य नहीं बनाया, वरन् मनुष्यजाति के निमित्त ; और हमने पहले
कहा है कि वह उनमें प्रसन्न होता है जो अनुक-
रण उसके गुणों का, और उनसे अप्रसन्न है
जो निकम्मी बात को पकड़ते हैं, वचन में या काम में। तब, यदि हम सब अपने को मार डालें, तो हम कारण बन जाएँगे, जितना हम में है, कि कोई जन्मे नहीं, या दिव्य में शिक्षा न पाए
