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पुराने समयों से प्रकाश (जारी)
वेस्टमिन्स्टर हॉल। 4. कि उसने विश्वासघात और भ्रष्टता से न्याय बेचा था, और राजा को सलाह दी थी कि वह न्यायिक तथा अन्य पद बेचे। 5. कि उसने बिना वैध अधिकार के गुप्त रूप से धर्म-नियमों की एक पुस्तक छपवाई थी, और उस पर हस्ताक्षर कराना अवैध रूप से अनिवार्य किया था। 6. कि उसने कलीसिया और सांसारिक, दोनों विषयों में पोप-सी और अत्याचारी सत्ता हथिया ली थी। 7. कि उसने परमेश्वर के सच्चे धर्म को उलट देने और पोप-सम्बन्धी अन्धविश्वास तथा मूर्तिपूजा को चलाने का प्रयत्न किया था। 8. कि उसने अनेक कलीसियाई पदों पर नियुक्ति का अधिकार हड़प लिया था, और ऐसे लोगों को आगे बढ़ाया था जो पोप-मत की ओर झुके हुए थे, या अन्यथा सिद्धान्त में अशुद्ध अथवा आचरण में भ्रष्ट थे। 9. कि उसने पुस्तकों को छापने की अनुमति देने का काम ऐसे पादरियों को सौंप दिया था जो सुधारवादी धर्म के प्रति कुख्यात रूप से विरोधी थे। 10. कि उसने इंग्लैंड की कलीसिया को रोम की कलीसिया से मिलाने का प्रयत्न किया था, याजकों और पोप से गुप्त सम्पर्क रखा था, और इस राज्य में पोप-सम्बन्धी पदानुक्रम स्थापित होने दिया था। 11. कि उसने अनेक भक्त सेवकों को चुप करा दिया था, परमेश्वर के वचन के प्रचार में बाधा डाली थी, अपवित्रता और अज्ञान को बढ़ावा दिया था, और राजा की अनेक प्रजा को देश छोड़ने पर विवश किया था। 12. कि उसने इंग्लैंड की कलीसिया और अन्य सुधारवादी कलीसियाओं के बीच फूट डालने का प्रयत्न किया था, और इंग्लैंड में डच और फ्रांसीसी मण्डलियों पर अत्याचार किया था। 13. कि उसने धर्म में नई-नई बातें चलाने का प्रयत्न किया था और
