अध्याय 5 (7 में से)

हेरोदेस और यूहन्ना बपतिस्मा देनेवाला

डी. एल. मूडी · अध्याय 5

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    यह हिन्दी संस्करण मशीन-सहायता से अनुवादित है और समीक्षा की प्रक्रिया में है। अध्ययन के लिए अंग्रेज़ी मूल पाठ ही प्रामाणिक है। कोई त्रुटि दिखे तो [email protected] पर लिखें।

    यदि कुछ वर्ष पहले कोई मुझसे कहता कि उसके विचार में हेरोदेस एक समय परमेश्वर के राज्य के निकट आ गया था, तो मैं उस पर सन्देह करने की ओर झुकता। मैं कहता, “मैं नहीं मानता कि जिस खून के प्यासे अभागे ने यूहन्ना बपतिस्मा देनेवाले के प्राण लिए, उसने अपने जीवन में कभी अपने प्राण की भलाई के विषय में गम्भीरता से एक बार भी सोचा हो।” मेरी यह राय इसलिए थी कि हेरोदेस के जीवन का एक दृश्य जो लिखा हुआ है, उसे मैंने अनदेखा कर दिया था। परन्तु कुछ वर्ष पहले, जब मैं मरकुस के सुसमाचार को पढ़ रहा था और उस पुस्तक का ध्यानपूर्वक अध्ययन कर रहा था, तब मुझे यह पद मिला:

    “हेरोदेस यूहन्ना को धर्मी और पवित्र पुरुष जानकर उससे डरता था, और उसका ध्यान रखता था; और जब वह उसकी सुनता था, तो बहुत से काम करता था, और आनन्द से उसकी सुनता था।” (मरकुस 6:20)।

    इससे हेरोदेस के विषय में मेरे विचार बदल गए। मैंने देखा कि वह न केवल यूहन्ना की आवाज़ सुनने की पहुँच में लाया गया था, बल्कि परमेश्वर के आत्मा की सामर्थ के अधीन भी आया था; उसका हृदय छुआ गया था और उसका विवेक जाग उठा था। हमें यह नहीं बताया गया कि उसने किन परिस्थितियों में यूहन्ना की सुनी; परन्तु वृत्तान्त साफ़ कहता है कि वह बपतिस्मा देनेवाले की अद्भुत सेवकाई के प्रभाव में आया था।

    आइए, पहले मैं एक-दो बातें कहूँ

    प्रचारक के विषय में

    मेरा दृढ़ मत है कि यूहन्ना बपतिस्मा देनेवाला अवश्य ही उन महानतम प्रचारकों में से एक रहा होगा जो इस संसार को कभी मिले हैं। आजकल लगभग कोई भी व्यक्ति किसी कस्बे या नगर में, जहाँ लोग पास-पास रहते हैं, श्रोता पा सकता है; विशेषकर यदि वह किसी सुन्दर भवन में बोलता हो जहाँ शानदार गायक-मण्डली हो, और यदि सभाओं का सप्ताहों या महीनों पहले से विज्ञापन और प्रचार किया गया हो। ऐसी परिस्थितियों में बोलने का वरदान रखनेवाले किसी भी व्यक्ति को अच्छी भीड़ मिल जाएगी। परन्तु यूहन्ना के साथ बात बिलकुल अलग थी। वह लोगों को कस्बों और नगरों से निकालकर दूर जंगल में ले आया। उसका समर्थन करने के लिए कोई पादरी नहीं थे; मसीह के काम में रुचि रखनेवाले कोई व्यापारी नहीं थे जो उसके साथ मिलकर काम करते; कोई समाचार-पत्रों के संवाददाता नहीं थे जो उसके उपदेश लिखकर बाहर भेजते। वह एक अनजाना मनुष्य था, जिसके नाम के साथ कोई उपाधि नहीं थी। वह राइट रेवरेंड यूहन्ना बपतिस्मा देनेवाला, डी. डी., या ऐसा कुछ नहीं था, बल्कि सीधा-सादा यूहन्ना बपतिस्मा देनेवाला था। जब लोग उससे पूछने गए कि क्या वह एलिय्याह या यिर्मयाह है जो फिर से जी उठा है, तो उसने कहा कि वह नहीं है।

    “तो तू कौन है?”

    “मैं जंगल में एक पुकारनेवाले का शब्द हूँ।”

    वह केवल एक आवाज़ था—जिसे सुना जाए, देखा न जाए; वह “श्रीमान कोई-नहीं” था। वह अपने आप को एक ऐसा सन्देशवाहक समझता था जिसे अनन्त लोक से अपना आदेश-पत्र मिला था।

    उसने अपनी सेवकाई कैसे आरम्भ की, और भीड़ को कैसे इकट्ठा किया, यह हमें नहीं बताया गया। मैं कल्पना कर सकता हूँ कि एक दिन यह विचित्र मनुष्य यरदन की घाटी में प्रकट होता है, जहाँ उसे कुछ चरवाहे अपने झुण्डों की रखवाली करते हुए मिलते हैं। वे अपनी बिखरी हुई भेड़ों को इकट्ठा करते हैं, और वह मनुष्य इन चरवाहों को प्रचार करने लगता है। वह कहता है कि स्वर्ग का राज्य पृथ्वी पर स्थापित होने ही वाला है; और वह उनसे आग्रह करता है कि वे अपने घर-द्वार सुधार लें—मन फिराएँ और अपने पापों से फिर जाएँ। अपना सन्देश सुना देने के बाद वह उनसे कहता है कि वह अगले दिन फिर आएगा और फिर से बोलेगा।

    जब वह जंगल में ओझल हो गया, तो मैं कल्पना कर सकता हूँ कि एक चरवाहा दूसरे से कह रहा है:

    “क्या वह एक विचित्र मनुष्य नहीं था? क्या तुमने कभी किसी मनुष्य को ऐसे बोलते सुना है? वह रब्बियों या फरीसियों या सदूकियों की तरह बात नहीं करता था। मुझे सचमुच लगता है कि वह अवश्य ही पुराने भविष्यद्वक्ताओं में से एक होगा। क्या तुमने ध्यान दिया कि उसका वस्त्र ऊँट के रोम का बना था, और उसकी कमर में चमड़े का पटुका बँधा था? क्या पवित्रशास्त्र यह नहीं कहता कि एलिय्याह ऐसे ही वस्त्र पहनता था?”

    दूसरा कहता है: “तुम्हें याद है कि मलाकी कैसे कहता है कि यहोवा के उस बड़े और भयानक दिन के आने से पहले एलिय्याह आएगा? मैं सचमुच मानता हूँ कि यह मनुष्य कर्मेल का वही पुराना भविष्यद्वक्ता है।”

    एलिय्याह के नाम से बढ़कर और क्या यहूदी लोगों के हृदय को उभार सकता था?

    यूहन्ना के प्रकट होने का समाचार यरदन की घाटी में ऊपर-नीचे फैल गया, और जब वह अगले दिन लौटा, तो उस विचित्र प्रचारक की सुनते हुए लोगों में बड़ी हलचल और आशा थी। शायद मसीह के आने तक उसके पास केवल वही

    एक ही वचन था:

    “मन फिराओ, क्योंकि स्वर्ग का राज्य निकट आ गया है।” दिन प्रतिदिन यरदन की घाटी में गूँजती हुई उसकी आवाज़ सुनाई देती थी:

    “मन फिराओ! मन फिराओ! मन फिराओ! राजा द्वार पर है। मैं वह दिन या घड़ी नहीं जानता, परन्तु वह बहुत शीघ्र यहाँ आ पहुँचेगा।”

    कुछ समय बाद उसकी सुनने के लिए उमड़ आनेवाले लोगों में से कुछ बपतिस्मा लेना चाहते थे, और वह उन्हें यरदन में ले गया और उन्हें बपतिस्मा दिया।

    यह समाचार आसपास के गाँवों और कस्बों में फैल गया, और बहुत समय न बीता कि वह यरूशलेम तक पहुँच गया। तब नगर के लोग प्रचारकों में इस राजकुमार की सुनने के लिए झुण्ड के झुण्ड जंगल में आने लगे। उसकी ख्याति शीघ्र ही गलील तक पहुँच गई, और पहाड़ों के लोग उसकी सुनने के लिए नीचे उमड़ आने लगे। लोग झील पर अपनी मछली पकड़ने की नावें छोड़ आए, ताकि इस अद्भुत प्रचारक की सुन सकें। जब उसकी लोकप्रियता अपने शिखर पर थी, तब शायद बीस या तीस हज़ार तक लोग दिन प्रतिदिन उसकी सेवकाई में उमड़ आते थे।

    निःसन्देह कुछ पुराने बड़बड़ानेवाले भी थे जो कहते थे कि यह

    सब सनसनी है

    “मुझे वहाँ पकड़कर दिखाओ! नहीं, साहब; मुझे सनसनीखेज़ प्रचार कभी पसन्द नहीं आया।”

    ठीक वैसे ही जैसे आजकल कुछ लोग तब बोलते हैं जब लोगों तक पहुँचने के लिए कोई विशेष प्रयास किया जाता है!

    वे कहते हैं, “इससे बड़ी हानि होगी।”

    काश ये सब बड़बड़ानेवाले यहूदिया में उसी पीढ़ी के साथ मिट गए होते; परन्तु उनके वंशज अब भी बहुतेरे हैं। मैं कहने का साहस करता हूँ कि आपकी भी उनसे भेंट हुई है। अरे, मेरे प्रिय मित्रो, आपकी शराब की दुकानों और बियर के अड्डों में एक रात में जितनी उत्तेजना होती है, उतनी सब कलीसियाओं में मिलाकर बारह महीनों में भी नहीं होती। यूहन्ना बपतिस्मा देनेवाले और मसीह के प्रचार के समय फिलिस्तीन में कैसी हलचल मची होगी! सारा देश तीव्र उत्तेजना से डगमगा और हिल उठा था। धार्मिक बातों में थोड़ी-सी उत्तेजना से मत डरिए; उससे कोई हानि नहीं होगी।

    कोई उन बूढ़े फरीसियों और शास्त्रियों को यह बड़बड़ाते सुन सकता था कि यूहन्ना कैसा सनसनीखेज़ प्रचारक है। “यह टिकेगा नहीं।” और जब हेरोदेस ने यूहन्ना बपतिस्मा देनेवाले का सिर कटवा दिया, तो वे कहते, “क्या मैंने तुमसे नहीं कहा था?”

    आइए, हम न्याय करने में जल्दबाज़ी न करें। यूहन्ना बपतिस्मा देनेवाला आज पहले से कहीं अधिक जीवित है; उसकी आवाज़ अब भी संसार भर में गूँज रही है। उसने केवल कुछ महीने प्रचार किया, परन्तु अठारह सौ से अधिक वर्षों से उसके उपदेश दोहराए और बढ़ाए जाते रहे हैं, और जब तक संसार बना रहेगा, उसके वचनों की सामर्थ कभी नहीं मरेगी।

    मैं कल्पना कर सकता हूँ कि ठीक जब यूहन्ना अपनी लोकप्रियता की चरम सीमा पर था, और हेरोदेस यरूशलेम में अपने महल में बैठा यरदन की घाटी की ओर देख रहा था, तब वह दिन प्रतिदिन लोगों की बड़ी-बड़ी भीड़ को जाते हुए देख सकता था। उसने पूछताछ करनी आरम्भ की कि इसका क्या अर्थ है, और उसके पास इस विचित्र और सामर्थी प्रचारक का समाचार पहुँचा। शायद किसी ने सूचना दी कि यूहन्ना राजद्रोह का प्रचार कर रहा है। वह एक ऐसे राजा के विषय में बता रहा था जो निकट है, और जो अपना राज्य स्थापित करनेवाला है।

    “राजा निकट है! यदि कैसर आ रहा होता, तो मैंने इसके विषय में सुना होता। कैसर को छोड़ कोई राजा नहीं। मुझे इस मामले की जाँच करनी होगी। मैं यरदन पर जाऊँगा, और इस मनुष्य की बातें स्वयं सुनूँगा।”

    सो एक दिन, जब यूहन्ना खड़ा प्रचार कर रहा था, और सारी सभा की आँखें उस पर लगी थीं, और लोग उसकी वाक्पटुता से ऐसे झूम रहे थे जैसे हवा के ऊपर से गुज़रने पर पेड़ों की चोटियाँ झूमती हैं, तो अचानक उनका ध्यान उससे हट गया। सबकी आँखें एकाएक नगर की ओर मुड़ गईं। कोई चिल्लाता है:

    “देखो, देखो! हेरोदेस आ रहा है!”

    शीघ्र ही सारी मण्डली यह जान जाती है, और बड़ी हलचल मच जाती है।

    एक कहता है, “मुझे विश्वास है कि वह इस प्रचार को बन्द करवा देगा।”

    और यदि उन दिनों कुछ वैसे समझौता करनेवाले, कमज़ोर घुटनोंवाले मसीही होते जैसे हमें कभी-कभी मिलते हैं, तो वे यूहन्ना से कहते:

    “आनेवाले राजा की बात मत करो; हेरोदेस इसे सहन नहीं करेगा। मन फिराने की बात करो, परन्तु आनेवाले राजा की कोई भी बात हेरोदेस के कानों में घोर राजद्रोह होगी।”

    मैं सोचता हूँ कि यदि किसी ने यूहन्ना को ऐसी सलाह देने का साहस किया होता, तो वह उत्तर देता: “मुझे अपना सन्देश स्वर्ग से मिला है; मुझे हेरोदेस या किसी और की क्या परवाह?”

    जब वह खड़ा गरजता हुआ लोगों को मन फिराने के लिए पुकार रहा था, तो मैं हेरोदेस को देख सकता हूँ, जो अपने चारों ओर सैनिकों के पहरे के साथ ध्यान से सुन रहा है कि प्रचारक के शब्दों में कोई ऐसी बात मिल जाए जिसे वह पकड़ सके। अन्त में यूहन्ना कहता है:

    “राजा ठीक द्वार पर है। वह अपना राज्य स्थापित करेगा, और गेहूँ को भूसी से अलग करेगा।”

    मैं कल्पना कर सकता हूँ कि तब हेरोदेस अपने मन में कह रहा है: “चौबीस घण्टे के भीतर मैं इस मनुष्य का सिर उड़वा दूँगा। यदि मेरा साहस होता तो मैं उसे यहीं और अभी पकड़वा लेता। कल भीड़ इकट्ठी होने से पहले मैं उसे पकड़ लूँगा।”

    कुछ देर बाद, जब हेरोदेस सुन रहा होता है, तो कुछ लोग प्रचारक के बिलकुल पास आने लगते हैं, और उससे प्रश्न पूछने लगते हैं। उनके बीच कुछ सिपाही भी हैं, और वे यूहन्ना से पूछते हैं:

    “हम क्या करें?”

    यूहन्ना उत्तर देता है: “किसी पर उपद्रव न करना, और न झूठा दोष लगाना, और अपनी मज़दूरी पर सन्तोष करना।”

    हेरोदेस सोचता है, “यह तो बड़ी अच्छी सलाह है; इन लोगों के कारण मुझे बहुत परेशानी उठानी पड़ी है, परन्तु यदि वे प्रचारक की सलाह मानें, तो इससे वे बेहतर सैनिक बन जाएँगे।”

    फिर वह सुनता है कि चुंगी लेनेवाले, जब बपतिस्मा लेने आते हैं, यूहन्ना से पूछते हैं:

    “हम क्या करें?”

    उत्तर यह है: “जो तुम्हारे लिए ठहराया गया है, उससे अधिक न लेना।”

    हेरोदेस कहता है, “अच्छा, यह तो उत्तम सलाह है। ये चुंगी लेनेवाले हर समय लोगों से अधिक कर वसूलते रहते हैं। यदि वे वैसा करें जैसा प्रचारक उनसे कहता है, तो लोग अधिक सन्तुष्ट रहेंगे।”

    फिर प्रचारक भीड़ में खड़े फरीसियों और सदूकियों को सम्बोधित करता है, और पुकारता है:

    “हे साँप के बच्चो! तुम्हें किसने जता दिया कि आनेवाले क्रोध से भागो? मन फिराव के योग्य फल लाओ।”

    हेरोदेस अपने मन में कहता है: “मुझे यह अच्छा लगा। मुझे खुशी है कि वह इन लोगों को खरी-खरी सुना रहा है। मैं नहीं सोचता कि अभी उसे पकड़वाऊँगा।”

    सो वह अपने महल को लौट जाता है। मैं कल्पना कर सकता हूँ कि वह

    अधिक सो नहीं पाया

    उस रात; जो कुछ उसने सुना था, वह उसी के विषय में सोचता रहा। जब पवित्र आत्मा किसी मनुष्य के विवेक से व्यवहार करता है, तो बहुधा नींद उससे दूर भाग जाती है। हेरोदेस जंगल के इस प्रचारक और उसके सन्देश को अपने मन से निकाल नहीं पाता। सत्य उसके प्राण तक पहुँच गया था; वह उसके भीतर बार-बार गूँजता रहा: “मन फिराओ, क्योंकि स्वर्ग का राज्य निकट आ गया है।” वह कहता है:

    “आज मैं रोमी सरकार की ओर से सुनने गया था; मैं सोचता हूँ कि कल मैं अपने लिए सुनने जाऊँगा।”

    सो वह बार-बार वहाँ जाता है। मेरा पाठ कहता है कि वह आनन्द से उसकी सुनता था, कि वह उसका ध्यान रखता था, और उससे डरता था, क्योंकि वह जानता था कि वह धर्मी और पवित्र पुरुष है। वह अपने हृदय की गहराई में अवश्य जानता होगा कि यूहन्ना

    स्वर्ग से भेजा हुआ सन्देशवाहक था

    यदि आप उन दिनों महल में गए होते, तो आप हेरोदेस को यूहन्ना बपतिस्मा देनेवाले के सिवाय और किसी की बात करते न सुनते। वह अपने साथियों से कहता:

    “क्या तुम इस विचित्र प्रचारक की सुनने जंगल में गए हो?”

    “नहीं; क्या आप गए हैं?”

    “हाँ।”

    “क्या! आप, रोमी राज्यपाल, इस अनभिषिक्त प्रचारक की सुनने जाते हैं?”

    “हाँ, मैं कई बार गया हूँ। जितने लोगों को मैं कभी जानता था, उनमें से किसी की भी अपेक्षा मैं उसकी सुनना अधिक पसन्द करूँगा। वह नियमित प्रचारकों की तरह बात नहीं करता। मैंने कभी किसी को नहीं सुना जिसका मुझ पर ऐसा प्रभाव हो।”

    आपने सोचा होता कि हेरोदेस एक बहुत ही आशाजनक व्यक्ति है। “वह बहुत से काम करता था।” शायद उसने शपथ खाना और गाली देना छोड़ दिया। हो सकता है उसने जुआ खेलना और मतवाला होना छोड़ दिया हो। ऐसा लगता था मानो उसमें एक अद्भुत परिवर्तन आ गया हो। शायद उसने कुछ समय के लिए घूस लेना बन्द कर दिया; आगे चलकर हम उसे यह करते हुए पकड़ते हैं, परन्तु उस समय वह इससे रुका रहा। कुछ बातों में वह काफ़ी सदाचारी बन गया। सचमुच ऐसा लगता था मानो वह स्वर्ग के राज्य के निकट है।

    मैं कल्पना कर सकता हूँ कि एक दिन, जब यूहन्ना खड़ा प्रचार कर रहा है, और सत्य लोगों के हृदयों और विवेकों में घर कर रहा है, और दूसरे लोक की सामर्थ उन पर उतर रही है, तब यूहन्ना का एक चेला हेरोदेस के रथ के पास खड़ा है, और रोमी राज्यपाल की आँखों में आँसू देखता है। सभा के अन्त में वह यूहन्ना के पास जाकर कहता है:

    “आज मैं हेरोदेस के बिलकुल पास खड़ा था, और कोई भी उससे अधिक प्रभावित नहीं दिखता था। मैं आँसुओं को आते देख सकता था, और उसे उन्हें गिरने से रोकने के लिए पोंछना पड़ा।”

    क्या आपने कभी किसी धार्मिक सभा में किसी मनुष्य को अपने आँसू रोकने का प्रयत्न करते देखा है? आपने ध्यान दिया कि उसके माथे पर मानो खुजली हो रही है, और उसने अपना हाथ ऊपर उठाया; आप समझ सकते हैं कि इसका क्या अर्थ है—वह इस बात को छिपाना चाहता है कि आँसू वहाँ हैं। वह सोचता है कि यह एक कमज़ोरी है। मतवाला होकर अपने परिवार के साथ दुर्व्यवहार करना कमज़ोरी नहीं, परन्तु आँसू बहाना कमज़ोरी है। सो यूहन्ना के इस चेले ने शायद ध्यान दिया कि हेरोदेस ने कई बार अपना हाथ माथे पर रखा; वह नहीं चाहता था कि उसके सैनिक, या पास खड़े लोग, यह देखें कि वह रो रहा है। वह चेला यूहन्ना से कहता है:

    “ऐसा लगता है मानो वह राज्य के निकट आ रहा है। मुझे विश्वास है कि बहुत जल्द वह आपके पास एक खोजी बनकर आएगा।”

    जब कोई मनुष्य ऐसे प्रचारक की सुनने में आनन्द पाता है, तो यह निश्चय ही एक आशाजनक चिह्न प्रतीत होता है।

    सम्भव है कि जिस दिन मसीह ने बपतिस्मा लिया, उस दिन हेरोदेस वहाँ उपस्थित रहा हो। यदि वह उस अवसर पर उपस्थित था, तो क्या कोई मनुष्य कभी स्वर्ग के इतने निकट उठाया गया जितना हेरोदेस उठाया गया होगा? मैं यूहन्ना को लोगों की एक बड़ी भीड़ से घिरा हुआ खड़ा देखता हूँ, जो उसकी बातों पर टकटकी लगाए हुए हैं। प्रचारक की आँखें, जो पहले कभी नहीं सहमी थीं, अचानक विचित्र-सी दिखने लगीं। उसका चेहरा पीला पड़ गया और वह ऐसे पीछे हटता हुआ दिखा मानो कोई अद्भुत बात हो गई हो, और एक वाक्य के ठीक बीच में वह बोलते-बोलते रुक गया। यदि मेरा चेहरा अचानक पीला पड़ जाए, और मैं बोलना बन्द कर दूँ, तो आप पूछेंगे:

    “क्या मृत्यु रेंगकर मंच पर आ गई है? क्या वक्ता की जीभ को लकवा मार गया है?”

    जब यूहन्ना रुक गया तो श्रोताओं में काफ़ी हलचल मच गई होगी। बपतिस्मा देनेवाले की आँखें एक अजनबी पर टिकी थीं जो भीड़ में से रास्ता बनाता हुआ आगे आया, और प्रचारक के पास आकर बपतिस्मा लेने की विनती की। यह तो एक आम बात थी; पिछले कई सप्ताहों से दिन प्रतिदिन ऐसा होता आ रहा था। यूहन्ना ने उस अजनबी की बातें सुनीं, परन्तु तुरन्त यरदन पर जाकर उसे बपतिस्मा देने के बदले उसने कहा:

    “मुझे तेरे हाथ से बपतिस्मा लेने की आवश्यकता है!”

    श्रोताओं में उत्तेजना की कैसी सिहरन दौड़ गई होगी! मैं सुन सकता हूँ कि एक दूसरे से फुसफुसाकर कह रहा है:

    “मुझे विश्वास है कि वही मसीहा है!”

    हाँ, वह वही था जिसकी लम्बे समय से बाट जोही जा रही थी, जिसके प्रकट होने की प्रतीक्षा यह जाति इन हज़ारों वर्षों से कर रही थी। जिस समय परमेश्वर ने बहुत पहले अदन में आदम से प्रतिज्ञा की थी, उसी समय से हर सच्चा इस्राएली मसीहा की बाट जोह रहा था; और अब वह उनके बीच में खड़ा था!

    उसने आग्रह किया कि यूहन्ना उसे बपतिस्मा दे, और अग्रदूत ने स्वामी के रूप में उसके अधिकार को पहचाना, उसे यरदन पर ले गया, और उसे बपतिस्मा दिया। जब वह पानी में से ऊपर आया, तो देखो! आकाश खुल गया, और परमेश्वर का आत्मा कबूतर के रूप में उतरकर उस पर ठहर गया। जब नूह ने जहाज़ में से कबूतर को बाहर भेजा था, तो उसे कहीं ठहरने का स्थान न मिला; परन्तु अब परमेश्वर का पुत्र परमेश्वर की इच्छा पूरी करने आया था, और कबूतर को उस पर ठहरने का स्थान मिल गया। पवित्र आत्मा को एक घर मिल गया था। अब परमेश्वर ने चार हज़ार वर्षों की चुप्पी तोड़ी। स्वर्ग से एक वाणी आई, और यदि हेरोदेस उस दिन वहाँ था तो उसने भी उसे सुना होगा:

    “यह मेरा प्रिय पुत्र है, जिससे मैं अत्यन्त प्रसन्न हूँ।”

    यदि उसने यह दृश्य न भी देखा हो और वह वाणी न भी सुनी हो, तो भी उसने इसके विषय में अवश्य सुना होगा; क्योंकि यह बात किसी कोने में नहीं हुई थी। हज़ारों लोग इसके गवाह थे, और यह समाचार देश के कोने-कोने तक अवश्य पहुँचाया गया होगा।

    फिर भी हेरोदेस, ऐसे समय में रहते हुए, और ऐसे प्रचारक की सुनते हुए, अन्त में स्वर्ग के राज्य से चूक गया। उसने बहुत से काम किए क्योंकि वह यूहन्ना से डरता था। यदि वह परमेश्वर से डरता, तो वह सब कुछ करता। “वह बहुत से काम करता था”; परन्तु एक काम ऐसा था जो वह नहीं करना चाहता था—

    वह अपना एक प्रिय पाप छोड़ना नहीं चाहता था

    जितना अधिक मैं प्रचार करता हूँ, उतना ही अधिक मुझे निश्चय होता जाता है कि यही वह बात है जो मनुष्यों को परमेश्वर के राज्य से बाहर रखती है। यूहन्ना हेरोदेस के निजी जीवन के विषय में जानता था, और उसने उसे साफ़-साफ़ चेतावनी दी।

    यदि वे समझौता करनेवाले मसीही, जिनका मैं उल्लेख कर चुका हूँ, यूहन्ना के पास होते, तो उनमें से कोई कहता:

    “सुनो, यूहन्ना, सुनने में आया है कि हेरोदेस अपने प्राण के विषय में बहुत चिन्तित है, और पूछ रहा है कि उद्धार पाने के लिए उसे क्या करना चाहिए। मैं तुम्हें एक सलाह देता हूँ; हेरोदेस के गुप्त पाप को मत छेड़ना। वह अपने भाई की पत्नी के साथ रह रहा है, परन्तु तुम उसके विषय में कुछ मत कहना, क्योंकि वह इसे सहन नहीं करेगा। उसके पीछे सारी रोमी सरकार है, और यदि तुमने उस बात की ओर संकेत भी किया तो इसकी कीमत तुम्हारी जान से भी बढ़कर होगी। हेरोदेस के साथ तुम्हारे पास अच्छा अवसर है; वह तुमसे डरता है। बस सावधान रहना, और बहुत आगे मत बढ़ना, नहीं तो वह तुम्हारा सिर उड़वा देगा।”

    ऐसे लोग हैं जो इस बात के लिए पूरी तरह तैयार हैं कि आप दूसरों के पापों के विषय में प्रचार करें, जब तक कि आप बात उन पर न लागू करें। एक बार मेरी पत्नी मेरे छोटे बेटे को सब्त-स्कूल का पाठ पढ़ा रही थी; वह उसे यह समझा रही थी कि ध्यान दे कि पाप कैसे बढ़ता जाता है जब तक कि वह आदत न बन जाए। उस नन्हे बालक को लगा कि बात उसके बहुत निकट आ रही है, सो उसका चेहरा लाल हो गया, और अन्त में उसने कहा:

    “माँ, मुझे लगता है कि आप विषय से काफ़ी दूर जा रही हैं।”

    यूहन्ना इसी प्रकार का समझौता न करनेवाला प्रचारक था, क्योंकि वह सन्देश को सीधे हृदय तक पहुँचाता था। मैं नहीं जानता कि उस समय वे दोनों कब और कैसे आमने-सामने आए, परन्तु यूहन्ना ने कुछ भी न छिपाया; उसने निडर होकर कहा:

    “हेरोदेस, अपने भाई की पत्नी को रखना तुझे उचित नहीं।”

    वह मनुष्य परमेश्वर की व्यवस्था को तोड़ रहा था, और व्यभिचार के शापित पाप में जी रहा था। परमेश्वर का धन्यवाद हो कि यूहन्ना ने उसे नहीं छोड़ा! इसकी कीमत प्रचारक को अपने सिर से चुकानी पड़ी, परन्तु प्रभु ने उसका हृदय पा लिया था, और उसे इसकी परवाह नहीं थी कि उसके सिर का क्या होगा। हम पढ़ते हैं कि हेरोदेस यूहन्ना से डरता था, परन्तु यूहन्ना हेरोदेस से नहीं डरता था।

    मैं कहना चाहता हूँ कि व्यभिचार के मार्ग से बढ़कर नरक जाने का कोई और तेज़ मार्ग मैं नहीं जानता। कोई भी अपने आप को इस भुलावे में न रखे कि वह परमेश्वर के राज्य में जा रहा है, यदि वह टाट ओढ़कर और राख में बैठकर इस पाप से मन नहीं फिराता। मेरे मित्र, क्या आप सोचते हैं कि परमेश्वर आपको कभी न्याय में नहीं लाएगा? क्या बाइबल यह नहीं कहती कि कोई भी व्यभिचारी परमेश्वर के राज्य का वारिस नहीं होगा?

    क्या आप सोचते हैं कि यदि यूहन्ना बपतिस्मा देनेवाला हेरोदेस को छोड़ देता, और उसके पाप पर पर्दा डाल देता, तो वह हेरोदेस का सच्चा मित्र होता? क्या यह इस बात का सच्चा चिह्न नहीं था कि यूहन्ना उससे प्रेम करता था, जब उसने उसे चेतावनी दी, और उससे कहा कि उसे अपना पाप छोड़ना ही होगा? हेरोदेस पहले बहुत से काम कर चुका था, और आनन्द से यूहन्ना की सुनता था; परन्तु तब उसे वह अच्छा नहीं लगा। किसी मनुष्य को दूसरों के पापों के विरुद्ध प्रचार करते सुनना एक बात है। लोग कहेंगे, “यह तो बहुत बढ़िया है,” और चाहेंगे कि उनके सब मित्र जाकर उस प्रचारक की सुनें। परन्तु वह उनके व्यक्तिगत पाप को छू दे जैसा यूहन्ना ने किया, और (जैसा नातान ने दाऊद से कहा था) घोषणा करे, “तू ही वह मनुष्य है,” तो वे कहते हैं, “मुझे यह अच्छा नहीं लगा।” प्रचारक ने एक दुखती रग छू दी है।

    जब किसी मनुष्य की बाँह टूट जाती है, तो शल्य-चिकित्सक को ठीक वह स्थान ढूँढ़ना पड़ता है जहाँ हड्डी टूटी है। वह टटोलता जाता है और अपनी उँगलियों से धीरे-धीरे दबाता है।

    “क्या यहाँ है?”

    “नहीं।”

    “क्या यहाँ है?”

    “नहीं।”

    थोड़ी देर में, जब चिकित्सक किसी और स्थान को छूता है, तो वह मनुष्य कहता है, “आह!”

    उसने टूटा हुआ भाग ढूँढ़ लिया है, और उसमें पीड़ा होती है। यूहन्ना ने रोगी स्थान पर अपनी उँगली रखी, और हेरोदेस उसके नीचे तिलमिला उठा। उसने अपना हाथ ठीक उसी पर रख दिया:

    “हेरोदेस, अपने भाई फिलिप्पुस की पत्नी को रखना तुझे उचित नहीं!”

    हेरोदेस अपना पाप छोड़ना नहीं चाहता था।

    बहुत से मनुष्य परमेश्वर के राज्य में प्रवेश करने को तैयार होते, यदि वे पाप छोड़े बिना ऐसा कर सकते। लोग कभी-कभी आश्चर्य करते हैं कि यीशु मसीह, जो मुहम्मद से छह सौ वर्ष पहले जीवित थे, आज उनके अनुयायी मुहम्मद के अनुयायियों से कम क्यों हैं। इसे समझाने में कोई कठिनाई नहीं है। कोई मनुष्य मुहम्मद का अनुयायी बन सकता है और फिर भी सबसे घिनौने, सबसे काले, सबसे गहरे पाप में जीता रह सकता है; परन्तु कोई मनुष्य पाप छोड़े बिना मसीह का चेला नहीं बन सकता। यदि आप अपने आप को यह विश्वास दिलाने का प्रयत्न कर रहे हैं कि आप अपना पाप त्यागे बिना परमेश्वर के राज्य में प्रवेश कर सकते हैं, तो परमेश्वर आपका मुखौटा नोच फेंके! क्या शैतान आपको यह विश्वास दिला सकता है कि हेरोदेस, अपने प्राण पर व्यभिचार और हत्या का पाप लिए हुए, यूहन्ना बपतिस्मा देनेवाले के साथ परमेश्वर के राज्य में पाया जाएगा?

    और अब, मैं आपसे यह कहना चाहता हूँ। यदि आपका पादरी खुलकर आपके पास आता है, आपको आपका पाप बताता है, और विश्वासयोग्यता से आपको चेतावनी देता है, तो उसके लिए परमेश्वर का धन्यवाद कीजिए। वह आपका सबसे अच्छा मित्र है; वह स्वर्ग से भेजा हुआ मनुष्य है। परन्तु यदि कोई पादरी आपसे चिकनी-चुपड़ी बातें करता है; आपसे कहता है कि सब ठीक है, जबकि आप जानते हैं, और वह भी जानता है, कि सब कुछ गलत है, और आप पाप में जी रहे हैं, तो आप निश्चित जान लीजिए कि वह शैतान का भेजा हुआ मनुष्य है। मैं कहना चाहता हूँ कि मुझे ऐसे प्रचारक से घृणा है जो अपनी सभा में बैठे किसी व्यक्ति को—किसी सीनेटर को, या किसी बड़े आदमी को जिसे वह उपस्थित देखता है—प्रसन्न करने के लिए अपने सन्देश को नरम कर देता है। यदि शैतान ऐसे पादरी को अपने वश में कर ले और उसके द्वारा बोले, तो वह स्वयं शैतान से भी अच्छी तरह उसका काम करेगा। यदि आप जानते कि शैतान आपको धोखा दे रहा है तो शायद आप भयभीत हो जाते, परन्तु यदि यीशु मसीह का कोई कहलानेवाला सेवक यह शिक्षा प्रचार करे और कहे कि अन्त में परमेश्वर सब ठीक कर देगा, कि चाहे आप पाप में जीते रहें, तो भी सब एक ही बात है। ऐसी शिक्षा पर विश्वास करने के धोखे में मत पड़िए—वह उतनी ही झूठी है जितना नरक के गड्ढे से निकला कोई भी झूठ। सारी कलीसियाओं के सारे याजक और पादरी मिलकर भी एक ऐसे प्राण का उद्धार नहीं कर सकते जो पाप से अलग नहीं होना चाहता।

    एक पुरानी कहावत है कि, “हर मनुष्य का कोई न कोई दाम होता है।” एसाव ने एक कटोरे दाल के लिए अपना पहिलौठे का अधिकार बेच दिया; बहुत सस्ता, है न? अहाब ने साग-पात की एक बारी के लिए अपने आप को बेच दिया। यहूदा ने चाँदी के तीस सिक्कों के लिए अपने आप को बेच दिया—हमारे पैसों में 17 डॉलर से भी कम। बहुत सस्ता, है न? हेरोदेस ने व्यभिचार के लिए अपने आप को बेच दिया।

    वह दाम क्या है

    जो आपने अपने प्राण का ठहराया है? आप कहते हैं कि आप नहीं जानते। मैं आपको बताता हूँ। वह वही पाप है जो आपको परमेश्वर से दूर रखता है। हो सकता है वह शराब हो; बहुत से मनुष्य हैं जो स्वर्ग की आशा छोड़ देंगे और शराब के लिए अपना प्राण बेच देंगे। हो सकता है वह व्यभिचार हो; आप कहते हैं:

    “मुझे वेश्या दे दो, और मैं स्वर्ग को उसकी सारी महिमा समेत छोड़ दूँगा। अपने पाप के बिना उद्धार पाने की अपेक्षा मैं अपने पाप के साथ दण्ड पाना अधिक पसन्द करूँगा।”

    मेरे मित्र, आप किस चीज़ के लिए अपने आप को बेच रहे हैं? आप जानते हैं कि वह क्या है।

    क्या आप नहीं सोचते कि यदि हेरोदेस ने उस नीच, व्यभिचारिणी स्त्री के बदले यूहन्ना बपतिस्मा देनेवाले की सलाह मानी होती, तो आज उसके लिए हज़ार गुना अच्छा होता? एक ओर हेरोदियास खींच रही थी, दूसरी ओर यूहन्ना, और हेरोदेस तराज़ू में झूल रहा था। यह सही और गलत के बीच वही पुराना युद्ध है; स्वर्ग एक ओर खींचता है, नरक दूसरी ओर। क्या आप भी वही भूल करने जा रहे हैं? हमारे पास हेरोदेस से दस हज़ार गुना अधिक ज्योति है। वह क्रूस के उस पार के समय में रहता था। महिमामय सुसमाचार तब तक वैसा नहीं चमका था जैसा उसके बाद से चमका है। उन उपदेशों के विषय में सोचिए जो आपने सुने हैं, उन विनतियों के विषय में जो आपसे मसीही बनने के लिए की गई हैं। आपमें से कुछ की भक्त माताएँ थीं जिन्होंने आपके लिए प्रार्थना की। आपमें से बहुतों की भक्त पत्नियाँ हैं जिन्होंने आपसे, और आपके लिए परमेश्वर से, गिड़गिड़ाकर विनती की है। वर्ष प्रतिवर्ष आप पवित्र प्रभावों से घिरे रहे हैं, और आप कितनी ही बार परमेश्वर के राज्य के निकट आ चुके हैं! फिर भी आज आप यहाँ हैं, पहले से भी अधिक दूर!

    हो सकता है आपके विषय में भी यह सच हो, जैसा हेरोदेस के विषय में था, कि आप अपने प्रचारक की बातें आनन्द से सुनते हैं। आप कलीसिया जाते हैं, उदारता से दान देते हैं, बहुत से काम करते हैं। स्मरण रखिए कि इनमें से कोई भी आपके प्राण को पाप से शुद्ध करने में काम नहीं आता। परमेश्वर जो माँगता है—पश्चाताप और हर पाप का त्याग—उसके स्थान पर ये स्वीकार नहीं किए जाएँगे।

    एक बार एक बालक एक फूलदान से खेल रहा था, और उसने उसमें अपना हाथ डाला और फिर उसे बाहर न निकाल सका। उसके पिता ने उसकी सहायता करने का प्रयत्न किया, परन्तु व्यर्थ। अन्त में उसने कहा:

    “अब, एक बार और कोशिश करो। अपनी उँगलियाँ सीधी खोल दो, और मुझे अपनी बाँह खींचने दो।”

    बेटे ने कहा, “अरे नहीं, पिताजी, यदि मैंने अपनी उँगलियाँ ऐसे खोलीं तो मेरा सिक्का गिर जाएगा!”

    निःसन्देह जब तक उसकी मुट्ठी बँधी थी, वह अपना हाथ बाहर नहीं निकाल सकता था। वह सिक्का छोड़ना नहीं चाहता था। पापी के साथ भी ठीक ऐसा ही है। वह अपने पापों से नाता नहीं तोड़ेगा।

    शायद आपका और मेरा मार्ग फिर कभी न मिले। परन्तु यदि आप पर मेरा कुछ भी प्रभाव है, तो मैं आपसे विनती और याचना करता हूँ कि आप अभी पाप से नाता तोड़ लें, चाहे इसकी कुछ भी कीमत चुकानी पड़े। यदि हेरोदेस ने यूहन्ना की सलाह मानी होती, तो उसका नाम अरिमतिया के यूसुफ के साथ, और मेम्ने के बारह प्रेरितों के साथ जुड़ सकता था। इन सारी शताब्दियों में उसके नाम के चारों ओर एक सुगन्ध हो सकती थी। परन्तु हाय! जब हम हेरोदेस की चर्चा करते हैं, तो हम अपने सुननेवालों के चेहरों पर तिरस्कार देखते हैं। यदि उन दिनों कोई हेरोदेस से कहता, “क्या तुम जानते हो कि तुम उस महान प्रचारक का मुँह बन्द करोगे, और उसका सिर कटवा दोगे?” तो वह उत्तर देता, “क्या तेरा दास कुत्ता है कि वह ऐसा काम करे? मैं ऐसे मनुष्य के प्राण कभी न लूँगा।” वह शायद यही सोचता कि वह ऐसा कभी नहीं कर सकता। फिर भी इसके थोड़े ही समय बाद उसने परमेश्वर के उस सेवक का सिर कटवा दिया।

    क्या आप जानते हैं कि यीशु मसीह का सुसमाचार या तो जीवन के निमित्त जीवन की सुगन्ध ठहरता है, या मृत्यु के निमित्त मृत्यु की गन्ध? आप कभी-कभी लोगों को कहते सुनते हैं: “चलो, इस मनुष्य का प्रचार सुनने चलें। यदि इससे हमारा कोई भला न हुआ, तो कोई हानि भी न होगी।” मेरे मित्र, इस बात पर विश्वास मत कीजिए! हर बार जब आप सुसमाचार सुनते हैं और उसे ठुकरा देते हैं, तो कठोर होने की प्रक्रिया आगे बढ़ती जाती है। वही सूर्य जो बर्फ़ को पिघलाता है, मिट्टी को कठोर कर देता है। जो उपदेश कुछ वर्ष पहले आपको हिला देता, वह अब आप पर कोई प्रभाव न डालेगा। क्या आपको कोई ऐसी रात याद नहीं जब आपने कोई ऐसा उपदेश सुना था जिसने आपके सन्देहवाद और अविश्वास की नींव हिला दी थी? परन्तु अब आप उदासीन हैं।

    मेरा विश्वास है कि जब हेरोदेस का पाप-बोध जाता रहा, तब वह पहले से सात गुना अधिक नरक की सन्तान बन गया। सुसमाचार का कोई भी सच्चा सेवक ऐसा नहीं जो यह न कहे कि जिन तक पहुँचना सबसे कठिन है, वे वे लोग हैं जो प्रभावित हुए थे, और जिनके प्रभाव मिट गए हैं। कोई पाप दूसरी बार करना पहली बार करने की अपेक्षा बहुत सहज होता है, परन्तु दूसरी बार मन फिराना पहली बार की अपेक्षा बहुत कठिन होता है।

    यदि आप अभी परमेश्वर के राज्य के निकट हैं, तो एक मित्र की सलाह मानिए और उसमें कदम रख दीजिए। केवल उसके निकट पहुँच जाने से सन्तुष्ट मत होइए। मसीह ने उस जवान सरदार से कहा, “तू राज्य से दूर नहीं,” परन्तु वह वहाँ पहुँच न सका। कोई जोखिम मत उठाइए। यदि आप निर्णय को टालते रहेंगे, तो हो सकता है कि अपने सबसे अच्छे इरादों को पूरा करने का समय मिलने से पहले ही मृत्यु आपको आ पकड़े।

    यह सोचना दुःखद है कि लोगों ने यीशु और पौलुस की सुनी, और उनके प्रचार से प्रभावित भी हुए, परन्तु उनका उद्धार नहीं हुआ। यहूदा अवश्य ही बहुत बार राज्य के निकट आया होगा, परन्तु वह कभी उसमें प्रवेश न कर सका। मैंने सेना में यह देखा—ऐसे लोग जिन्होंने मसीही बनने का

    लगभग निश्चय कर लिया था

    पर जो उस कदम को उठाए बिना, जो उन्हें अनन्त जीवन का निश्चय दिला देता, युद्ध में मारे गए। मैं स्वीकार करता हूँ कि इसमें कुछ बहुत ही दुःखद बात है।

    न्यूयॉर्क नगर के एक किराये के मकान (टेनमेंट) में एक डॉक्टर को बुलवाया गया। वह आया, और उसने एक जवान को बहुत बीमार पाया। जब वह बिस्तर के पास पहुँचा तो उस जवान ने कहा:

    “डॉक्टर साहब, मैं नहीं चाहता कि आप मुझे धोखे में रखें; मैं सबसे बुरी बात जानना चाहता हूँ। क्या यह बीमारी गम्भीर निकलनेवाली है?”

    डॉक्टर ने जाँच करने के बाद कहा: “मुझे आपको यह बताते हुए दुःख है कि आप यह रात नहीं निकाल पाएँगे।”

    उस जवान ने ऊपर देखा और कहा: “तो फिर, मैं अन्त में उससे चूक गया!”

    “किससे चूक गए?”

    “मैं अनन्त जीवन से चूक गया। मेरा सदा यह इरादा था कि किसी दिन मसीही बन जाऊँगा, परन्तु मैंने सोचा कि मेरे पास बहुत समय है, और मैं इसे टालता रहा।”

    डॉक्टर ने, जो स्वयं एक मसीही मनुष्य था, कहा: “अभी देर नहीं हुई है। दया के लिए परमेश्वर को पुकारिए।”

    “नहीं; मैं सदा उस मनुष्य से बहुत घृणा करता आया हूँ जो मरते समय पश्चाताप करता है; वह एक दयनीय कायर है। यदि मैं बीमार न होता तो मैं अपने प्राण के विषय में सोचता भी नहीं, और अब मैं परमेश्वर का अपमान नहीं करूँगा।”

    डॉक्टर ने सारा दिन उसके साथ बिताया, उसे बाइबल में से पढ़कर सुनाया, और प्रयत्न किया कि वह प्रतिज्ञाओं को थाम ले। उस जवान ने कहा कि वह परमेश्वर को नहीं पुकारेगा, और मन की उसी दशा में वह चल बसा। ठीक जब वह मर रहा था, तब डॉक्टर ने उसके होंठ हिलते देखे। वह नीचे झुका, और उसे केवल यह धीमी फुसफुसाहट सुनाई दी:

    “मैं अन्त में उससे चूक गया!”

    प्रिय मित्र, निश्चित कर लीजिए कि आप अन्त में अनन्त जीवन से न चूकें। क्या आप हेरोदेस के साथ जाएँगे या यूहन्ना के साथ? अभी अपना सिर झुकाइए और कहिए:

    “हे परमेश्वर के पुत्र, मेरे इस हृदय में आ। मैं अपने आप को पूरी रीति से, सम्पूर्णता से, बिना किसी रोक-टोक के तुझे सौंपता हूँ।”

    वह आपके पास आएगा, और न केवल आपका उद्धार करेगा, बल्कि अन्त तक आपको सम्भाले भी रखेगा।

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