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शीर्षक-पृष्ठ और विषय-सूची
मूर्तिपूजा के चार भक्तिपूर्ण उपदेश
मूर्तिपूजाओं की अशुद्धता के विरुद्ध
सताव में पड़े लोगों को शान्ति देते हुए, और उन्हें यह सिखाते हुए कि वे मसीह की कलीसिया में कौन-कौन से लाभ पाएँगे
ये उपदेश अत्यन्त प्रसिद्ध पादरी जॉन कैल्विन ने फ्रांसीसी भाषा में दिए थे, और पहले लैटिन में तथा फिर अनेक भक्त विद्वानों द्वारा अंग्रेज़ी में अनूदित किए गए।
"मैं उनके देवताओं के नाम अपने मुँह से नहीं लूँगा।"
लन्दन में रोलैंड हॉल द्वारा मुद्रित, जो गोल्डिंग लेन में तीन तीरों के चिह्न पर रहता है।
विषय-सूची
पाठक के नाम रोलैंड हॉल का पत्र
एक उपदेश, जिसमें सब मसीहियों को बाहरी मूर्तिपूजा से भाग निकलने की चेतावनी दी गई है
दूसरा उपदेश, जिसमें सताव सहने का आग्रह है, कि हम उसमें यीशु मसीह और उसके सुसमाचार के पीछे चल सकें
तीसरा उपदेश, जिसमें विश्वासियों को चेताया गया है कि परमेश्वर की कलीसिया में जीवन बिताने को वे कितना बड़ा मूल्य दें
चौथा उपदेश, जिसमें बताया गया है कि किसी मसीही कलीसिया में परमेश्वर की शुद्ध आराधना करने की स्वतंत्रता को कितने परिश्रम और यत्न से खोजना चाहिए
भजन संहिता 87 पर श्रीमान जॉन कैल्विन की एक संक्षिप्त व्याख्या।
