कैल्विन के सूत्र और फ्रांसिस प्रथम को पत्र
Calvin's Aphorisms and Letter to Francis the First
जॉन कैल्विन

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इस पुस्तक के बारे में
“कैल्विन के सूत्र और फ्रांसिस प्रथम को पत्र” 1844 में लंदन (व्हिटेकर एण्ड कं.) से ऑक्सफ़र्ड विश्वविद्यालय के एक स्नातक द्वारा प्रकाशित अंग्रेज़ी अनुवाद है। इसमें दो भाग हैं: कैल्विन का वह प्रसिद्ध समर्पण-पत्र, जो उन्होंने अपनी “मसीही धर्म की संस्थाएँ” (इंस्टिट्यूट्स) के आरम्भ में रखा और 1536 में बासेल से फ्रांस के राजा फ्रांसिस प्रथम को लिखा—जिसमें वे सताए जा रहे फ्रांसीसी सुसमाचार-प्रेमियों के विश्वास का पक्ष लेते हैं; और “एक सौ सूत्र”, जो इंस्टिट्यूट्स की चारों पुस्तकों की शिक्षा को संक्षेप में प्रस्तुत करते हैं (सम्भवतः थियोडोर बेज़ा की रचना; 1574 के लाइडन संस्करण में इंस्टिट्यूट्स के साथ जोड़े गए)। अंग्रेज़ी अनुवादक की प्रस्तावना और प्राचीन कलीसिया-इतिहास पर पाँच टिप्पणियों का परिशिष्ट भी इसमें सम्मिलित है। यह हिन्दी वेब पुस्तक अंग्रेज़ी संस्करण के अध्याय-क्रम, शीर्षकों और पवित्रशास्त्र-सन्दर्भों का यथावत् अनुसरण करती है।
यह हिन्दी अनुवाद UECF.NET के अंग्रेज़ी वेब संस्करण (लंदन, 1844; इंटरनेट आर्काइव स्कैन — सार्वजनिक डोमेन) से किया गया है। मूल पाठ का कोई अंश छोड़ा या जोड़ा नहीं गया है; स्कैन की OCR परत में पंक्तियों में टूटे अनुच्छेदों को अनुवाद में फिर से एक अनुच्छेद में जोड़ा गया है; केवल मुद्रित पृष्ठों के शीर्ष-शीर्षकों (running heads) के OCR अवशेष हटाए गए हैं। बाइबल-सन्दर्भ मुद्रित संस्करण के अनुसार ही रखे गए हैं; पुस्तकों के नाम हिन्दी O.V. बाइबल के अनुसार दिए गए हैं। यह अनुवाद UECF.NET के लिए AI-सहायता से किए गए पूर्ण अनुवाद और सम्पादकीय गुणवत्ता-समीक्षा के द्वारा तैयार किया गया है; किसी मानव अनुवादक का नाम इसके साथ नहीं जोड़ा गया है।
जॉन कैल्विन के बारे में
जॉन कैल्विन (1509–1564) फ्रांसीसी धर्म-सुधारक, धर्मविज्ञानी और जिनेवा की कलीसिया के पासबान थे। 1536 में पहली बार प्रकाशित और 1559 तक विस्तारित उनकी “मसीही धर्म की संस्थाएँ” (Institutes of the Christian Religion) प्रोटेस्टेंट धर्म-सुधार की सबसे प्रभावशाली धर्मवैज्ञानिक रचनाओं में से एक है। उन्होंने बाइबल की अधिकांश पुस्तकों पर टीकाएँ, तथा अनेक उपदेश और ग्रन्थ लिखे; सुधारवादी कलीसियाओं की शिक्षा और शासन पर उनका प्रभाव आज तक बना हुआ है।
यह जीवन-परिचय कैल्विन के जीवन के विषय में व्यापक रूप से प्रलेखित, सार्वजनिक रूप से उपलब्ध तथ्यों का सारांश है। सुधार [email protected] पर भेजें।
अध्याय
- मुखपृष्ठ≈ 1 मिनट
- प्रस्तावना≈ 11 मिनट
- फ्रांसिस प्रथम को जॉन कैल्विन का सम्बोधन≈ 61 मिनट
- एक सौ सूत्र — पहली पुस्तक≈ 5 मिनट
- दूसरी पुस्तक≈ 11 मिनट
- तीसरी पुस्तक≈ 13 मिनट
- चौथी पुस्तक≈ 12 मिनट
- परिशिष्ट (टिप्पणियाँ A–E)≈ 9 मिनट
