जेनेवा का प्रश्नोत्तर-ग्रंथ
The Geneva Catechism
जॉन कैल्विन

यह हिन्दी संस्करण UECF.NET के लिए AI-सहायता से किए गए पूर्ण अनुवाद और सम्पादकीय गुणवत्ता-समीक्षा के द्वारा तैयार किया गया है। अध्ययन के लिए अंग्रेज़ी मूल पाठ ही प्रामाणिक है। कोई त्रुटि दिखे तो [email protected] पर लिखें।
पढ़ना शुरू करें ↩ जहाँ छोड़ा था वहीं से पढ़ें लाइब्रेरी में यह पुस्तक
इस पुस्तक के बारे में
“जेनेवा का प्रश्नोत्तर-ग्रंथ” — जॉन कैल्विन की रचना। यह वेब बुक UECF.NET के अंग्रेज़ी वेब संस्करण (एक उन्नीसवीं शताब्दी का अंग्रेज़ी अनुवाद (कैल्विन ट्रांसलेशन सोसाइटी संस्करण)) के आधार पर हिंदी में अनूदित है। जेनेवा की कलीसिया के लिए कैल्विन द्वारा रचित (1545) प्रश्नोत्तर रूप में शिक्षा — विश्वास, व्यवस्था, प्रार्थना, वचन और संस्कार, ये चार भाग।
यह हिंदी अनुवाद UECF.NET के अंग्रेज़ी वेब संस्करण (एक उन्नीसवीं शताब्दी का अंग्रेज़ी अनुवाद (कैल्विन ट्रांसलेशन सोसाइटी संस्करण)) से किया गया है। पृष्ठ-संख्याएँ और पाद-टिप्पणियाँ मूल के अनुसार रखी गई हैं। बाइबल के संदर्भ मुद्रित प्रति के अनुसार रखे गए हैं; पुस्तकों के नाम हिंदी बाइबल (O.V.) के अनुसार दिए गए हैं। यह अनुवाद UECF.NET के लिए AI-सहायता से किया गया पूर्ण अनुवाद है और संपादकीय गुणवत्ता-समीक्षा से तैयार हुआ है; किसी मानव अनुवादक का नाम इससे संबद्ध नहीं किया गया है।
जॉन कैल्विन के बारे में
जॉन कैल्विन (1509–1564) फ्रांसीसी धर्म-सुधारक, धर्मविज्ञानी और जिनेवा की कलीसिया के पासबान थे। 1536 में पहली बार प्रकाशित और 1559 तक विस्तारित उनकी “मसीही धर्म की संस्थाएँ” (Institutes of the Christian Religion) प्रोटेस्टेंट धर्म-सुधार की सबसे प्रभावशाली धर्मवैज्ञानिक रचनाओं में से एक है। उन्होंने बाइबल की अधिकांश पुस्तकों पर टीकाएँ, तथा अनेक उपदेश और ग्रन्थ लिखे; सुधारवादी कलीसियाओं की शिक्षा और शासन पर उनका प्रभाव आज तक बना हुआ है।
यह जीवन-परिचय कैल्विन के जीवन के विषय में व्यापक रूप से प्रलेखित, सार्वजनिक रूप से उपलब्ध तथ्यों का सारांश है। सुधार [email protected] पर भेजें।
अध्याय
- परिचय≈ 11 मिनट
- विश्वास≈ 40 मिनट
- व्यवस्था≈ 29 मिनट
- प्रार्थना≈ 25 मिनट
- वचन और संस्कार≈ 27 मिनट
