धार्मिक मनोभाव
Religious Affections
जोनाथन एडवर्ड्स

यह हिन्दी संस्करण मशीन-सहायता से अनुवादित है और समीक्षा की प्रक्रिया में है। अध्ययन के लिए अंग्रेज़ी मूल पाठ ही प्रामाणिक है। कोई त्रुटि दिखे तो [email protected] पर लिखें।
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इस पुस्तक के बारे में
जोनाथन एडवर्ड्स की “ए ट्रीटाइज़ कन्सर्निंग रिलिजियस अफेक्शन्स” (1746) — महान जागृति के पुनरुत्थानों के बाद लिखा गया यह ग्रंथ बताता है कि सच्चे, अनुग्रहमय धार्मिक अनुभव को झूठे या मात्र स्वाभाविक उत्तेजना से कैसे पहचाना जाए। तीन भागों में: मनोभावों का स्वभाव, अनिश्चित चिन्ह, और विशिष्ट चिन्ह।
एडवर्ड्स की मृत्यु 1758 में हुई और यह कृति सार्वजनिक डोमेन में है। यह हिन्दी अनुवाद UECF.NET के अंग्रेज़ी वेब संस्करण से किया गया है। यह वही लेखक हैं जिनकी कृतियाँ “अनुग्रह पर निबन्ध” और “जोनाथन एडवर्ड्स के चुने हुए उपदेश” इस परियोजना में पहले से हिन्दी में उपलब्ध हैं; प्रमुख शब्दावली (जैसे तकनीकी शब्द “मनोभाव”) तीनों पुस्तकों में एक समान रखी गई है।
जोनाथन एडवर्ड्स के बारे में
जोनाथन एडवर्ड्स (1703–1758) अमेरिकी धर्मविज्ञानी और उपदेशक थे, जो पहली महान जागृति के प्रमुख नेताओं में से एक माने जाते हैं। “धार्मिक मनोभाव” उनकी सबसे प्रभावशाली रचनाओं में से एक है, जिसमें वे धर्मानुभव की परीक्षा के लिए बारह चिन्ह प्रस्तुत करते हैं, जो सच्चे अनुग्रह को झूठे उत्साह से अलग करते हैं।
अध्याय
- भाग 1 — मनोभावों का स्वभाव≈ 101 मिनट
- भाग 2 — अनिश्चित चिन्ह≈ 210 मिनट
- भाग 3 — विशिष्ट चिन्ह≈ 851 मिनट
