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डी. एल. मूडी की माता, बेट्सी होल्टन, का जन्म 5 फ़रवरी, 1805 को हुआ था। उन्होंने 3 जनवरी, 1828 को एडविन मूडी से विवाह किया। इस विवाह से नौ सन्तानें उत्पन्न हुईं, जिनमें ड्वाइट छठे थे। ड्वाइट एल. मूडी का जन्म 5 फ़रवरी, 1837 को नॉर्थफ़ील्ड, मैसाचुसेट्स में हुआ। उन्होंने अपनी सेवकाई के चालीस वर्षों में स्वयं पाँच करोड़ लोगों को प्रचार किया। उन्होंने इंग्लैंड, स्कॉटलैंड, आयरलैंड, फ़िलिस्तीन और अमेरिका में परिश्रम किया। उन्होंने सहायता की किसी गारंटी के बिना सेवकाई में प्रवेश करने के लिए अच्छे वेतनवाली एक नौकरी छोड़ दी। डी. एल. मूडी ने इस देश में और दूसरे देशों में वाई.एम.सी.ए. को बढ़ावा दिया और उनकी स्थापना में सहायता की। उन्होंने नॉर्थफ़ील्ड, मैसाचुसेट्स में लड़कों और लड़कियों के लिए विश्वविद्यालयों की स्थापना की। उन्होंने शिकागो, इलिनॉय में शिकागो बाइबल इंस्टीट्यूट की स्थापना की। उन्होंने शिकागो में मूडी कॉलपोर्टेज एसोसिएशन की स्थापना की, जो सारे संसार में सुसमाचारों और धार्मिक पुस्तकों की लाखों प्रतियाँ बाँटती है। मूडी ने सारे इलिनॉय में और बहुत से अन्य राज्यों में सण्डे स्कूल सम्मेलनों की स्थापना की। वे पहले व्यक्ति थे जिन्होंने एकरूप सण्डे स्कूल पाठों का विचार प्रस्तुत किया, जिसके आधार पर अन्तर्राष्ट्रीय सण्डे स्कूल पाठों की वर्तमान पद्धति स्थापित हुई।
परन्तु डी. एल. मूडी के जीवन और कार्य का मूल्यांकन करना किसी भी पार्थिव रीति से सम्भव नहीं है। केवल अनन्तकाल ही प्रकट करेगा कि उन्होंने कितनी भलाई की है। वहाँ, स्वर्ग में हज़ारों ऐसे लोग होंगे जिनका मन-परिवर्तन उनके प्रयासों के द्वारा, प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से, हुआ। सारे संसार के हज़ारों पादरी और सुसमाचार-कार्यकर्ता, कॉलेज के पुरुष और स्त्रियाँ, पिता और माताएँ उनके परिश्रम के द्वारा प्रभावित हुए और उन्हें सहायता मिली। और परमेश्वर करे कि इस पीढ़ी के और आनेवाली पीढ़ियों के युवक और युवतियाँ इस महान मनुष्य के उदाहरण का अनुसरण करें और बहुत सी आत्माओं को मसीह के पास लाएँ।
