धीरज के विषय में
On Patience
जॉन वेस्ली
यह हिन्दी संस्करण अंग्रेज़ी मूल से पूर्ण रूप से, अनुच्छेद-दर-अनुच्छेद, कृत्रिम बुद्धि (AI) की सहायता से अनुवादित है; मानवीय समीक्षा जारी है। अध्ययन के लिए अंग्रेज़ी मूल पाठ ही प्रामाणिक है। कोई त्रुटि दिखे तो [email protected] पर लिखें।
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इस पुस्तक के बारे में
याकूब 1:4 पर आधारित जॉन वेस्ली का उपदेश "धीरज के विषय में" परीक्षाओं के बीच धीरज के स्वभाव और उससे मिलने वाली शान्ति, आनन्द, प्रेम और साहस का वर्णन करता है। पवित्रीकरण तात्कालिक है या क्रमिक — इस प्रश्न पर अपने अनेक वर्षों के अवलोकन को वेस्ली यहाँ बताते हैं और विश्वास द्वारा उसे अभी प्राप्त करने का आग्रह करते हैं। यह हिन्दी संस्करण अंग्रेज़ी मूल पाठ से पूर्ण रूप से, अनुच्छेद-दर-अनुच्छेद अनुवादित है।
मूल अंग्रेज़ी पाठ सार्वजनिक क्षेत्र (public domain) में है; वेस्ली सेंटर फ़ॉर अप्लाइड थियोलॉजी की सम्पादकीय सूचना मूल रूप में ही रखी गई है। यह हिन्दी अनुवाद कृत्रिम बुद्धि (Claude) की सहायता से पूर्ण रूप से किया गया है; मानवीय समीक्षा शेष है। सन्देह की स्थिति में अंग्रेज़ी मूल ही प्रामाणिक है।
लेखक के बारे में
जॉन वेस्ली (1703–1791) एंग्लिकन पादरी, सुसमाचार-प्रचारक और मेथोडिस्ट आन्दोलन के संस्थापक थे। उद्धार, विश्वास द्वारा धर्मी ठहराए जाने, पवित्रता और मसीही सिद्धता पर उनके उपदेश आज भी संसार भर के मसीहियों का मार्गदर्शन करते हैं।
अध्याय
- धीरज के विषय में≈ 25 मिनट
