बोना और काटना · अध्याय 6

बीज के विषय में अनजान होने से कोई अन्तर नहीं पड़ता

यह हिन्दी संस्करण मशीन-सहायता से अनुवादित है और समीक्षा की प्रक्रिया में है। अध्ययन के लिए अंग्रेज़ी मूल पाठ ही प्रामाणिक है। कोई त्रुटि दिखे तो [email protected] पर लिखें।

बीज के विषय में अनजान होने से कोई अन्तर नहीं पड़ता। अब फिर ध्यान दीजिए: बीज की किस्म के विषय में अनजान होने से कोई अन्तर नहीं पड़ता। यदि मैं सोचूँ कि मैं अच्छा बीज बो रहा हूँ और वह बुरा निकले, तो मेरी फसल बुरी होगी; इसलिये मुझे उचित है कि मैं देखूँ कि मैं किस प्रकार का बीज बो रहा हूँ। मान लीजिए मैं किसी मनुष्य से मिलता हूँ जो बीज बो रहा है, और कहता हूँ: “अरे परदेशी, तुम क्या बो रहे हो?” “बीज।” “किस प्रकार का बीज?” “मैं नहीं जानता।” “क्या तुम नहीं जानते कि वह अच्छा है या बुरा?” “नहीं, मैं नहीं बता सकता; परन्तु वह बीज है, मुझे बस इतना ही जानना है, और मैं उसे बो रहा हूँ।” आप कहेंगे कि वह पहले दर्जे का पागल है, है न? परन्तु वह उस मनुष्य से आधा भी पागल न होगा जो समय और अनन्तकाल के लिये बोता चला जाता है, और कभी अपने आप से नहीं पूछता कि वह क्या बो रहा है या फसल क्या होगी। हे पिता, आप अपने परिवार में कौन सा बीज बो रहे हैं? क्या आप अपने बच्चों के सामने अच्छा उदाहरण रख रहे हैं या बुरा? क्या आप अपना समय शराबखाने या क्लब में बिताते हैं, यहाँ तक कि आप उनके लिये लगभग अजनबी बन गए हैं? या आप उन्हें परमेश्वर और धार्मिकता के लिये शिक्षा दे रहे हैं?

कहा जाता है कि एक मनुष्य ने एक बार कहा कि वह अपने पुत्र से धर्म के विषय में बात नहीं करेगा; लड़का बड़ा होकर उसके किसी पक्षपात के प्रभाव के बिना स्वयं अपना चुनाव करेगा। लड़के का हाथ टूट गया, और जब डॉक्टर उसे बैठा रहा था, तो वह पूरे समय कोसता और गालियाँ बकता रहा। डॉक्टर ने कहा, “आह, आप लड़के को सही मार्ग के पक्ष में पक्षपाती बनाने से डरते थे, परन्तु शैतान को ऐसा कोई संकोच नहीं था। वह आपके पुत्र को दूसरे मार्ग पर ले गया है।” कैसा विचार है कि पिता अपने बच्चों को यों ही बेलगाम छोड़ दे! अकेली प्रकृति तो खरपतवार के सिवा कभी कुछ उत्पन्न नहीं करती। कोलरिज के एक मित्र ने एक बार इस बात पर आपत्ति की कि जवानों को क्या सिखाया जाए यह चुनकर उनके मनों को पक्षपाती बनाया जाए। उस दार्शनिक-कवि ने उसे अपना बगीचा देखने का निमन्त्रण दिया, और उसे वहाँ ले गया जहाँ कुरूप और दुर्गन्धित खरपतवार की घनी उपज क्यारियों और पगडंडियों पर समान रूप से फैली हुई थी। उसके मित्र ने कहा, “आप इसे बगीचा तो नहीं कह सकते!” कोलरिज ने कहा, “क्या! क्या आप चाहते हैं कि मैं भूमि को गुलाबों और सोसनों के पक्ष में पक्षपाती बना दूँ?” क्या आपने मन और हृदय के विषय में भी यही बात कभी नहीं देखी? किसी बच्चे को निठल्ला रहने दीजिए, और शैतान शीघ्र ही उसे शरारत में ले जाएगा। उसकी देखभाल करनी ही चाहिए। जो बातें चरित्र के विकास में सहायक होंगी वे उसके लिये चुनी जानी चाहिए, और हानिकारक बातें उससे उतनी ही लगन से दूर रखी जानी चाहिए, जैसे किसान भूमि की उपयोगी उपज की खेती करता है, परन्तु खरपतवार और सब हानिकारक उपज के विरुद्ध निरन्तर युद्ध करता रहता है।

एक हत्यारे को अपने अपराध का दण्ड भोगना था। अपने उच्छृंखल जीवन के विषय में बोलते हुए उसने कहा: “जब मुझे ऐसी बुरी शिक्षा मिली थी, तो और हो भी क्या सकता था? ये बातें मुझे बचपन से सिखाई गईं। जब मैं केवल चार वर्ष का था, तब मेरी माँ ने यह देखने के लिये मेरे गले में व्हिस्की उँडेल दी कि मैं कैसा व्यवहार करता हूँ।” उसकी फाँसी के दिन सबेरे, उस अभागी माँ ने उस पुत्र से विदा ली जिसे उसके प्रभाव ने उस लज्जाजनक अन्त तक पहुँचाने में सहायता की थी। हल्की बर्फ़ गिरने के बाद एक सबेरे एक पिता जल्दी अपने दफ़्तर के लिये निकला। मुड़कर उसने देखा कि उसका दो वर्ष का बेटा अपने नन्हे पैर उसके बड़े-बड़े पदचिह्नों में रखने का प्रयत्न कर रहा है। नन्हा बालक चिल्लाया: “चलते चलो पापा, मैं आ लहा हूँ, मैं ठीक आपके पैलों के निछानों में आ लहा हूँ!” उसने बच्चे को गोद में उठा लिया और उसे उसकी माँ के पास ले गया, और फिर अपने दफ़्तर की ओर चल पड़ा। उसकी आदत थी कि मार्ग में एक शराबखाने पर रुककर एक गिलास शराब पीए। उस सबेरे जब वह उसकी चौखट पर खड़ा हुआ, तो उसे ऐसा लगा मानो वह एक मधुर आवाज़ को कहते सुन रहा है: “चलते चलो पापा, मैं आ लहा हूँ, मैं ठीक आपके पैलों के निछानों में आ लहा हूँ!” वह रुक गया, वह हिचकिचाया, उसने भविष्य का सीधे आँखों में आँखें डालकर सामना किया। उसने दृढ़ता से कहा, “मैं ऐसे कोई पदचिह्न छोड़ने का जोखिम नहीं उठा सकता जिन पर अपने बेटे को चलते देखकर मुझे लज्जा या दुःख हो,” और वह मुड़कर चला गया। हे पिता, हे माता, हे पड़ोसी, क्या आपके पदचिह्न सच्चे हैं? क्या वे सीधे हैं? क्या आप अपने पीछे चलनेवाले किसी की ओर मुड़कर कह सकते हैं: “तुम मेरी सी चाल चलो जैसा मैं मसीह की सी चाल चलता हूँ”?

क्या आप नन्हों को सुरक्षित उस महान चरवाहे के पास ले जा रहे हैं? अच्छा बीज बोने का सबसे अच्छा समय वह है जब शैतान ने अभी जंगली बीज न बिखेरे हों। ऐसा करने के लिये परमेश्वर ने बहुत सी चेतावनियाँ और निर्देश दिए हैं। “पहिले तुम परमेश्वर के राज्य और उसके धर्म की खोज करो।” “लड़के को शिक्षा उसी मार्ग की दे जिस में उसको चलना चाहिये।” “अपने बच्चों को रिस न दिलाओ परन्तु प्रभु की शिक्षा, और चितावनी देते हुए, उन का पालन-पोषण करो।” यदि कोई किसान वसन्त ऋतु में बोने से चूक जाए, तो वह खोया हुआ अवसर कभी वापस नहीं पा सकता: और न आप पा सकते हैं, यदि आप अपना अवसर खो दें। जवानी बीज बोने का समय है, और यदि उसे अच्छा बीज बोए बिना बीत जाने दिया जाए, तो खरपतवार उग आएँगे और भूमि को दबा लेंगे। उन्हें जड़ से उखाड़ने में कड़ा परिश्रम करना पड़ेगा। एक पुराने धर्मविज्ञानी ने कहा कि जब एक अच्छा किसान अपने खेत में कोई खरपतवार देखता है तो वह उसे उखड़वा देता है। यदि वह काफ़ी जल्दी उखाड़ा जाए, तो खाली जगह शीघ्र ही भर जाती है, और फसल पूरे खेत में लहलहाने लगती है। परन्तु यदि उसे बहुत देर तक बढ़ने दिया जाए, तो वह नंगा टुकड़ा बना रहता है। अच्छा होता कि खरपतवार को जड़ पकड़ने ही न दिया जाता। हे जवान, क्या आप किसी गुप्त पाप को अपने ऊपर प्रभुता करने दे रहे हैं, जो आपको हाथ-पाँव बाँध रहा है? वह बढ़ रहा है। हर पाप बढ़ता है। कुछ वर्ष पहले जब मैं ग्लासगो में पाँच हज़ार बच्चों से बात कर रहा था, तो मैंने धागे की एक रील ली और सबसे बड़े लड़कों में से एक से कहा: “क्या तुम्हें विश्वास है कि मैं तुम्हें इस धागे से बाँध सकता हूँ?” वह इस विचार पर हँस पड़ा। मैंने धागे को

उसके चारों ओर कुछ बार लपेटा, और उसने एक ही झटके में उसे तोड़ दिया। फिर मैंने धागे को उसके चारों ओर बार-बार लपेटा, और थोड़ी देर बाद मैंने कहा: “अब छूट सको तो छूटो।” वह न हाथ हिला सका न पाँव। यदि आप किसी घिनौनी आदत के दास हैं, तो या तो आपको उस आदत को मार डालना होगा, या वह आपको मार डालेगी। मेरे मित्र, आप किस प्रकार का बीज बो रहे हैं? पिछले वर्ष के अपने जीवन के लेखे पर एक दृष्टि डालिए। क्या आप दोहरा जीवन जीते रहे हैं? क्या आप जिस बात का अंगीकार करते हैं उसे पाए बिना ही उसका दावा करते रहे हैं? यदि कोई बात है जिससे आप घृणा करते हैं, तो वह कपट है। क्या आप मुझसे कहते हैं कि परमेश्वर भी उससे घृणा नहीं करता? यदि दाहिनी आँख ठोकर खिलाती है, तो मन में ठान लीजिए कि आप उसे निकाल फेंकेंगे; या यदि दाहिना हाथ या दाहिना पाँव हो, तो उसे काट डालिए। पाप चाहे जो भी हो, मन में ठान लीजिए कि आप बिना और देर किए उस पर विजय पाएँगे। मेरे मित्र, आप किस प्रकार का बीज बो रहे हैं, अच्छा बीज या बुरा बीज? कटनी तो होगी, और आपको काटना ही पड़ेगा, चाहे आप चाहें या न चाहें। मुझे बताइए, आप अपना खाली समय कैसे बिताते हैं? गन्दी कहानियाँ सुनाकर, दूसरों के मनों को दूषित करते हुए, जबकि आपका अपना मन भी दूषित है? क्या आप कोई ऐसा साहित्य पढ़ते हैं जो आपके विचारों को अशुद्ध करता है? आप सब्त का दिन कैसे बिताते हैं? नाव चलाने, मछली पकड़ने, शिकार करने, या सैर-सपाटे में? क्या आप सोचते हैं कि पादरी दकियानूसी बूढ़े हैं और बाइबल अन्धकार युग की पुस्तक है? मुझे बताइए कि आप अपने माता-पिता के साथ कैसा व्यवहार करते हैं, और मैं आपको बता दूँगा कि

आपके बच्चे आपके साथ कैसा व्यवहार करेंगे। एक मनुष्य अपने बूढ़े पिता को मोहताजख़ाने भेजने की तैयारी कर रहा था, तभी उसका नन्हा बच्चा आया और बोला: “पापा, जब आप बूढ़े हो जाएँगे, तो क्या मुझे भी आपको मोहताजख़ाने ले जाना पड़ेगा?” क्या आप अपने माता-पिता को कभी घर चिट्ठी नहीं लिखते? उन्होंने आपको कपड़े पहनाए और पढ़ाया-लिखाया, और अब क्या आप अपनी रातें जुए में बिताते हैं? आप अपने भक्तिहीन साथियों से कहते हैं कि जब आप लड़के थे तब आपके पिता ने धर्म को ज़बरदस्ती आपके गले में ठूँसा था। जो मनुष्य अपने पिता या माता के विषय में ऐसा कहता है, उसके प्रति मेरे मन में बड़ा तिरस्कार है। उनसे भूल हुई होगी; परन्तु वह भूल बुद्धि की थी, हृदय की नहीं। यदि उन्हें तार भेजा जाए कि आप चेचक से बीमार पड़े हैं, तो वे आपके पास आने के लिये पहली ही गाड़ी पकड़ लेंगे। वे खुशी से वह रोग अपनी देह में ले लेंगे और आपके लिये मर जाएँगे। यदि आप अपने पिता और माता की हँसी उड़ाते और उनका ठट्ठा करते हैं, तो आपकी फसल कठोर होगी; आप वेदना में काटेंगे। यह केवल समय की बात है। एक कहावत है: “परमेश्वर की चक्कियाँ धीरे-धीरे पीसती हैं, परन्तु वे अत्यन्त बारीक पीसती हैं।” प्रभु यीशु ने कहा, “जिस नाप से तुम नापते हो, उसी से तुम्हारे लिये भी नापा जाएगा।” पिछली बार जब मैं लंदन में था, तो एक मनुष्य ने मुझसे कहा कि एक बात में इंग्लैंड अमेरिका से आगे है। मैंने पूछा, कैसे? उसने कहा: “इंग्लैंड में हम अपने कानूनों का उससे अधिक आदर करते हैं

जितना आप अमेरिका में करते हैं। आप अपने आधे हत्यारों को भी फाँसी नहीं देते, परन्तु हमारे सब हत्यारों को, यदि वे दोषी सिद्ध हो जाएँ, फाँसी दी जाती है।” मैंने कहा: “कोई भी देश अपने सबसे बुरे हत्यारों को फाँसी नहीं देता। यदि मेरा बेटा मेरी हत्या करना चाहे, तो मैं चाहूँगा कि वह पाँच वर्ष लगाने के बजाय मुझे एक ही बार में मार डाले। जो जवान रात पर रात देर से घर जाता है, और जब उसकी माँ उसे समझाती है, तो उसके पके बालों को कोसता है, और उसे तिल-तिल करके मारता है, वह सबसे बुरे प्रकार का हत्यारा है।” यह सारे देश में हो रहा है। हो सकता है आप इतने काले और घिनौने पाप के दोषी न हों, परन्तु मैं आपसे कहता हूँ, हर पाप बढ़ता है, और यदि आपके हृदय में पाप है तो आप नहीं बता सकते कि वह आपको कहाँ ले जाकर पटकेगा। पुत्र को उसकी माता से या पुरुष को उसकी पत्नी से पाप के समान और कोई चीज़ अलग नहीं करती। परमेश्वर का अनुग्रह मनुष्यों को एक साथ बाँधता है, परन्तु पाप उन्हें चीरकर अलग कर देता है। आइए, मेरे मित्र, आप किस प्रकार का बीज बो रहे हैं? फसल क्या होगी? क्या वह काली फसल होगी, या आपकी फसल आनन्द की होगी? यदि आप सोचते हैं कि जंगली बीज बोने पर गेहूँ उगेगा, तो आप बड़ी भूल में हैं। यदि आप सोचते हैं कि आप अपनी वासनाओं और अभिलाषाओं की लगाम ढीली छोड़ सकते हैं, और फिर भी अनन्त जीवन पा सकते हैं, तो आप धोखा खा रहे हैं। क्योंकि परमेश्वर कहता है, “जो अपने शरीर के लिये बोता है, वह शरीर के द्वारा विनाश की कटनी काटेगा; और जो आत्मा के लिये बोता है, वह आत्मा के द्वारा अनन्त जीवन की कटनी काटेगा।”

सावधानी से चुनिए। मैं आपसे विनती करता हूँ कि अपना मार्ग सावधानी से चुनिए। किसान बीज चुनने में सावधान रहता है। वह बुरा या घटिया बीज नहीं चाहता, क्योंकि वह जानता है कि उससे फसल कमज़ोर होगी। वह ऐसा सबसे अच्छा बीज ढूँढ़ता है जो वह खरीद सके। यदि आप शरीर के लिये बोना चुनते हैं, तो आपकी फसल सड़ी हुई होगी। यदि आप कोई पाप का काम करते हैं, तो वह आपको अपमानित कब्र में पहुँचा सकता है। चुनाव एक गम्भीर बात है। आप इस क्षण को अपने जीवन का मोड़ बना सकते हैं। पेरू की विजय के समय एक बार पिज़ारो के साथियों ने उसे छोड़ जाने की धमकी दी। वे घर लौटने के लिये जहाज़ पर चढ़ने को किनारे पर इकट्ठे हुए। उसने अपनी तलवार खींचकर उससे रेत पर पूर्व से पश्चिम तक एक रेखा खींच दी। फिर दक्षिण की ओर मुड़कर उसने कहा: “मित्रो और साथियो, उस ओर परिश्रम, भूख, नंगापन, मूसलाधार आँधी और मृत्यु है; इस ओर आराम और सुख है। वहाँ अपने सारे धन के साथ पेरू है; यहाँ पनामा और उसकी दरिद्रता है। हर एक मनुष्य वैसा ही चुनाव करे जैसा एक वीर कास्तीली को शोभा देता है। जहाँ तक मेरी बात है, मैं दक्षिण की ओर जाता हूँ।” यह कहकर उसने रेखा पार कर ली, और एक के बाद एक उसके साथी उसके पीछे हो लिए, और दक्षिण अमेरिका के भाग्य का निर्णय हो गया। एक बार नेपोलियन के सामने तुर्की तोपखाने में अधिकारी के पद का प्रस्ताव रखा गया। उसने उसे अस्वीकार कर दिया; परन्तु यदि उसने उसे स्वीकार करना चुना होता, तो यूरोप का इतिहास कुछ और ही होता।

आत्मिक बातों में आपके चुनाव पर आपका अनन्तकाल निर्भर है। एक ओर मसीह है; दूसरी ओर संसार। इन दोनों में से आपको चुनना ही होगा। गेहूँ और जंगली बीज दोनों उगाने की इच्छा न रखिए। अहा, मसीह को चुनिए! आधे मन से नहीं। उसे अपना पूरा हृदय दे दीजिए। वह आपको पाप के शाप से छुड़ाने के लिये मरा, और आपको पाप की शक्ति से बचाने के लिये जीवित है। “कोई मनुष्य दो स्वामियों की सेवा नहीं कर सकता।” आप एक साथ दो राज्यों के नहीं हो सकते। लॉर्ड ब्रूम को कान नगर इतना प्रिय हो गया कि उसने फ्रांसीसी नागरिक बनना चाहा, परन्तु उसने पाया कि इंग्लैंड का सामन्त और एक फ्रांसीसी नगर का नागरिक दोनों एक साथ होना असम्भव है; दूसरा बनने के लिये उसे पहले को त्यागना पड़ता। अब यहीं पर इच्छा-शक्ति की भूमिका आती है। दूसरों के पीछे चलना, धारा के साथ तैरना आसान है; परन्तु जनमत और लोक-व्यवहार की धारा के विरुद्ध खड़े होने के लिये चरित्र, नैतिक रीढ़ चाहिए। पिछले युद्ध के दौरान पिट्सबर्ग के सामने एक भगोड़ा संघीय सेना की पंक्तियों में आया। उससे पूछा गया: “तुम अलगाववादियों में क्यों शामिल हुए थे?” उसका उत्तर था: “क्योंकि सब शामिल हुए थे।” यही कारण बहुत से मनुष्यों के कामों का कारण है। वह इस कहावत के अनुसार चलेगा: “जब रोम में हो, तो वैसा करो जैसा रोमी करते हैं,” और यह जाँचने और निश्चय करने की परवाह नहीं करेगा कि रोमी ठीक करते हैं या नहीं। यदि वे गलत करते हैं, तो मनुष्य को, यदि आवश्यक हो, दूसरे दानिय्येल की नाईं, सारी जाति के विरुद्ध खड़ा होना चाहिए,

सर्वशक्तिमान परमेश्वर ने इस्राएलियों के सामने दो पक्ष रखे, और मैं अब उन्हें आपके सामने रखता हूँ। चुनते समय याद रखिए कि आपका अनन्तकाल तराज़ू पर है। “सुन, आज मैं ने तुझ को जीवन और मरण, हानि और लाभ दिखाया है। क्योंकि मैं आज तुझे आज्ञा देता हूं, कि अपने परमेश्वर यहोवा से प्रेम करना, और उसके मार्गों पर चलना, और उसकी आज्ञाओं, विधियों, और नियमों को मानना, जिस से तू जीवित रहे, और बढ़ता जाए, और तेरा परमेश्वर यहोवा उस देश में जिसका अधिकारी होने को तू जा रहा है, तुझे आशीष दे। “परन्तु यदि तेरा मन भटक जाए, और तू न सुने, और भटक कर पराए देवताओं को दण्डवत करे और उनकी उपासना करने लगे, तो मैं तुम्हें आज यह चितौनी दिए देता हूं कि तुम निःसन्देह नष्ट हो जाओगे; और जिस देश का अधिकारी होने के लिये तू यरदन पार जा रहा है, उस देश में तुम बहुत दिनों के लिये रहने न पाओगे। “मैं आज आकाश और पृथ्वी दोनों को तुम्हारे साम्हने इस बात की साक्षी बनाता हूं, कि मैं ने जीवन और मरण, आशीष और शाप को तुम्हारे आगे रखा है; इसलिये तू जीवन ही को अपना ले, कि तू और तेरा वंश दोनों जीवित रहें; इसलिये अपने परमेश्वर यहोवा से प्रेम करो, और उसकी बात मानो, और उस से लिपटे रहो; क्योंकि तेरा जीवन और दीर्घ जीवन यही है।”

क्षमा और प्रतिफल।

“तू एक एक मनुष्य को उसके काम के अनुसार फल देता है।”—भजन संहिता 62:12। “क्योंकि अवश्य है, कि हम सब का हाल मसीह के न्याय आसन के साम्हने खुल जाए, कि हर एक व्यक्ति अपने अपने भले बुरे कामों का बदला जो उस ने देह के द्वारा किए हों पाए।”—2 कुरिन्थियों 5:10।

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