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विचार जो भी हों) मेरा "भाई, और बहन, और
ऊँचाइयों से एक पुकार
11 जून
हम दो सिद्धांतों पर चल पड़े:
1. हृदय और जीवन की पवित्रता के बिना कोई भी स्वर्ग नहीं जाता।
2. जो कोई इसके पीछे चलता है (उसके विचार चाहे जो भी हों), वह मेरा "भाई, और बहन, और माता है;" और हम आज तक इन दोनों में से किसी से भी बाल भर नहीं हटे हैं।— जॉन वेस्ली।
तू अब भी तारों को अपने दाहिने हाथ में थामे रख, और उन्हें अपनी ज्योति से चमकने दे, वे अंधकारमय देश की ज्योतियाँ हैं, और नीचे तेरी कलीसिया के स्वर्गदूत हैं।
— चार्ल्स वेस्ली।
जागते रहो, विश्वास में स्थिर रहो, पुरुषार्थ करो, बलवन्त होओ।—1 कुरिन्थियों 16:13।
CSE MEL GRO [अस्पष्ट मूल पाठ]
Shear one Sanna [अस्पष्ट मूल पाठ] 12 जून
तुम्हें दुःख की अभिलाषा करने के लिए नहीं बुलाया गया है।
निर्दोष स्वभाव पीड़ा से दूर भागता है; परन्तु जैसे ही उसकी इच्छा प्रकट हो, तुम्हें उसके सामने झुक जाना है।-- जॉन वेस्ली।
हे प्रभु, तेरा हर दुःख उठानेवाला सेवक, अपने सिद्ध स्वामी के समान होगा:
भीतरी जीवन में तेरे समान पुनःस्थापित, और बाहरी रूप में तुझ-सा बनाया हुआ:
सन्त तेरी कब्र में से जी उठेगा, और मृत्यु के पार महिमामय पुरस्कार को थाम लेगा।
— चार्ल्स वेस्ली।
यदि हम उसके साथ दुःख उठाएँ, तो उसके साथ राज्य भी करेंगे।— 2 तीमुथियुस 2:12।
ऊँचाइयों से एक पुकार
13 जून
प्रार्थना करो, चाहे कर सको या न कर सको: जब तुम प्रसन्न हो, जब तुम उदास हो, प्रार्थना करो; चाहे बहुत शब्दों में, थोड़े में, या बिल्कुल बिना शब्दों के।
तुम्हें निश्चय ही शान्ति का उत्तर मिलेगा।— जॉन वेस्ली।
अपने उद्धारकर्ता की छाती पर टेक लगा:
वही तेरे शान्त मन की रक्षा करता है; उसमें विश्राम कर, निश्चिन्त होकर विश्राम कर; तेरा पहरेदार कभी नहीं सोता।
— चार्ल्स वेस्ली।
तब तुम मुझे पुकारोगे और आकर मुझसे प्रार्थना करोगे, और मैं तुम्हारी सुनूँगा।—यिर्मयाह 29:12।
14 जून
मसीही समर्पण की ओर यह एक बड़ा कदम है कि इस सत्य का पूरा-पूरा कायल हुआ जाए कि संसार में संयोग जैसी कोई वस्तु नहीं है; भाग्य तो प्रोविडेंस (परमेश्वर की व्यवस्था) का ही दूसरा नाम है; बस वह ढका हुआ प्रोविडेंस है।
जिस घटना का कारण दिखाई नहीं देता, उसके विषय में हम प्रायः कहते हैं कि वह संयोग से हुई।
नहीं; वह एक अचूक हाथ से संचालित है; वह अनन्त बुद्धि और भलाई का परिणाम है।— जॉन वेस्ली।
मुझे अपने धर्ममय मार्गों में चला, और मुझे फिसलने न दे; मेरे सामने मार्ग दिखा दे; हे मेरे परमेश्वर, तू मेरा मार्गदर्शक हो!
— चार्ल्स वेस्ली।
तुम्हारे सिर के बाल भी सब गिने हुए हैं।— मत्ती 10:30।
88 ऊँचाइयों से एक पुकार
15 जून
शान्त और स्थिर मन कठिन कार्य को क्रोधित मन की अपेक्षा कहीं अच्छी तरह निभा लेता है।— जॉन वेस्ली।
मुझे जागते और प्रार्थना करते रहने में सहायता कर, और मैं स्वयं तुझ पर ही भरोसा रखूँ; निश्चित है कि यदि मैं अपने भरोसे को धोखा दूँ, तो सदा के लिए नष्ट हो जाऊँगा।
— चार्ल्स वेस्ली।
अपने धीरज से तुम अपने प्राणों को बचाए रखोगे।— लूका 21:19।
16 जून
मैं कई ऐसे व्यक्तियों को जानता हूँ जिनके विषय में मेरा विश्वास है कि वे पाप से बचाए गए हैं।
परन्तु परमेश्वर जिस रीति से उन्हें चलाना चाहता है, उसमें बड़ी विविधता है।
उनमें से कुछ परमेश्वर के लिए बहुत कार्य करने को बुलाए गए हैं; कुछ बहुत आनन्द करने को; कुछ बहुत दुःख उठाने को।
इन सब को अपना मुकुट मिलेगा।
परन्तु जब मनुष्य का पुत्र अपनी महिमा में आएगा, तब सबसे उज्ज्वल मुकुट दुःख उठानेवालों को दिया जाएगा।-जॉन वेस्ली।
हे प्रभु, यहाँ मेरे सारे दुःख क्या हैं, यदि तू मुझे उस आनन्दमग्न समूह के साथ प्रकट होने और अपने चरणों में आराधना करने के योग्य ठहराए!
— चार्ल्स वेस्ली।
क्योंकि मसीह के कारण तुम पर यह अनुग्रह हुआ कि न केवल उस पर विश्वास करो, बरन उसके लिए दुःख भी उठाओ।—फिलिप्पियों 1:29।
ऊँचाइयों से एक पुकार
17 जून
मुझे न्याय करना ही होगा, चाहे आकाश गिर पड़े।— जॉन वेस्ली।
देख, यह प्रभु का सेवक है!
मैं तेरे मार्गदर्शक हाथ का स्पर्श पाने की प्रतीक्षा करता हूँ; कि तेरा हर वचन सुनूँ और मानूँ, तेरी सिद्ध इच्छा को परखूँ और पूरा करूँ; अपने कामों से आनन्दपूर्वक विश्राम पाऊँ, और सब धार्मिकता को पूरा करके प्रसन्न होऊँ।
— चार्ल्स वेस्ली।
धर्मियों की चाल उस उजियाले के समान है, जो भोर से पहले फटता है और दिन के पहर तक बढ़ता रहता है।—नीतिवचन 4:18।
18 जून
निस्सन्देह, जब तक तुम देह में हो, तुम अपने आदर्श से कम ही रहोगे; और तुम अपनी असंख्य कमियों को, तथा अपने सर्वोत्तम कार्यों और स्वभावों की अपूर्णता को अधिकाधिक देखोगे।
तुम बोझिलता अनुभव कर सकते हो; पर तुम्हें कभी अन्धकार में आने की आवश्यकता नहीं। इस धारणा से सावधान रहो कि अन्धकार, अर्थात् अविश्वास, विश्वास के प्रकाश से अच्छा है।— जॉन वेस्ली।
आह, कितनी अनगिनत चिन्ताओं, परीक्षाओं और फन्दों में से तेरे हाथ ने मुझे पार पहुँचाया है!
आह, उदार परमेश्वर की दी हुई कितनी आशिषें, और सदा नई बनी रहनेवाली कितनी दया!
— चार्ल्स वेस्ली।
सदा आनन्दित रहो।—1 थिस्सलुनीकियों 5:16।
90 ऊँचाइयों से एक पुकार
19 जून
सब विश्वासियों को दृढ़ता और स्पष्टता से समझाओ कि वे सिद्धता की ओर बढ़ते जाएँ; और परमेश्वर की प्रतिज्ञा की हर आशीष की अपेक्षा कल नहीं, आज ही रखें।— जॉन वेस्ली।
हे यीशु, इसी के लिए हम शान्ति से प्रतीक्षा करते हैं; आह, हमारी आँखें तुझे निकट देखें!
हमारे स्वर्ग को पूर्ण करने में शीघ्रता कर; प्रकट हो, हे हमारे महिमामय परमेश्वर, प्रकट हो!
— चार्ल्स वेस्ली।
इसलिए आओ, मसीह की शिक्षा की आरम्भिक बातों को छोड़कर, हम सिद्धता की ओर बढ़ते जाएँ।
— इब्रानियों 6:1।
20 जून
मुझे आशा है कि तुम परमेश्वर के विषय में एक शब्द कहने का कोई अवसर नहीं खोते, चाहे उनसे जो उसे जानते हैं, या उनसे जो उसे नहीं जानते।
तुम कोई समय क्यों गँवाओ?
समय थोड़ा है।— जॉन वेस्ली।
मैं केवल इसी के लिए साँस लेता हूँ, कि सुसमाचार का शब्द फैलाऊँ, चारों ओर की सब जातियों को तेरी मृत्यु का आनन्द-समाचार सुनाऊँ, कि सब अनुभव करें कि तेरा लहू उन पर लगाया गया है, क्योंकि सब सेंतमेंत धर्मी ठहराए गए हैं।
— चार्ल्स वेस्ली।
जो कुछ तेरे हाथ को मिले उसे अपनी शक्ति भर करना, क्योंकि अधोलोक में, जहाँ तू जानेवाला है, न काम, न युक्ति, न ज्ञान और न बुद्धि है।—सभोपदेशक 9:10।
ऊँचाइयों से एक पुकार
21 जून
डाँटना कितना नाज़ुक कार्य है!
इसे भली-भाँति करने के लिए मानवीय बुद्धि से अधिक की आवश्यकता है। —
जॉन वेस्ली।
धन्य है वह मनुष्य जिसे अनुग्रह मिला है, परमेश्वर की चुनी हुई प्रजा की आशीष, ऊपर से आनेवाली बुद्धि, और वह विश्वास जो प्रेम के द्वारा मधुरता से कार्य करता है।
— चार्ल्स वेस्ली।
हे भाइयो, यदि कोई मनुष्य किसी अपराध में पकड़ा जाए, तो तुम जो आत्मिक हो, नम्रता के साथ ऐसे को सम्हालो; और अपनी भी चौकसी रखो कि तुम भी परीक्षा में न पड़ो।—गलातियों 6:1।
22 जून
ध्यान रखो कि तुम एक-दूसरे से खुलकर बात करो।
अपने दुःखों, दुर्बलताओं और परीक्षाओं की चर्चा करो; यह परमेश्वर को भाता है, और तुम्हें ऐसे बन्धन में बाँधने का साधन होगा जो कभी नहीं टूटेगा।-- जॉन वेस्ली।
हम सदा अपने केन्द्र की ओर बढ़ते रहें, तेरी स्तुति फैलाना हमारा साझा लक्ष्य हो, कि एक-दूसरे की सहायता करें; जंगल में साथी बनकर:
क्षण भर का कष्ट बाँटें, और एक अनन्त मुकुट को थाम लें।
— चार्ल्स वेस्ली।
एक-दूसरे के सामने अपने-अपने पापों को मान लो, और एक-दूसरे के लिए प्रार्थना करो।—याकूब 5:16।
92 ऊँचाइयों से एक पुकार
23 जून
देह तब मरती है जब वह आत्मा से अलग हो जाती है, और आत्मा तब मरती है जब वह परमेश्वर से अलग हो जाती है।
परन्तु परमेश्वर से यह अलगाव आदम को उसी दिन, उसी घड़ी हुआ जब उसने वर्जित फल खाया।— जॉन वेस्ली।
पाप के फल कितनी जल्दी प्रकट हो जाते हैं!
संकट, चिन्ता और भय, जो छिपने के स्थान की ओर भागता है; दुःखद दोष और लज्जाजनक नग्नता, जीवन और शान्ति की हानि, और स्वर्गलोक का खो जाना!
— चार्ल्स वेस्ली।
मैं इसलिए आया कि वे जीवन पाएँ, और बहुतायत से पाएँ।— यूहन्ना 10:10।
24 जून
सबसे प्राचीन अभिलेखों से हमारे पास यह मानने का कारण है कि सन्त पौलुस ने सन्त यूहन्ना से हज़ार गुना अधिक दुःख उठाया।
और फिर भी इसमें शायद ही सन्देह किया जा सकता है कि सन्त यूहन्ना भी उतना ही पवित्र था जितना वह, या कोई भी प्रेरित।
इसलिए जो कुछ भी हमारा प्रभु भेजे, उसके लिए तैयार रहो; परन्तु उससे यह माँग मत करो कि वह तुम्हारे पास दुःख भेजे।— जॉन वेस्ली
कि मैं तेरे आत्मा को जान सकूँ, उसे जैसी उसकी इच्छा हो वैसे चलने दे:
रीति अज्ञात रहे, बस मैं तेरे साथ एक हो जाऊँ।
— चार्ल्स वेस्ली।
क्योंकि परमेश्वर ही है जिसने अपनी सुइच्छा निमित्त तुम्हारे मन में इच्छा और काम, दोनों बातों के करने का प्रभाव डाला है।—फिलिप्पियों 2:13।
ऊँचाइयों से एक पुकार
25 जून
यह कितनी सांत्वना की बात है कि हम जानते हैं कि प्रभु राज्य करता है, और वह स्वर्ग और पृथ्वी की सब बातों को ठीक उसी रीति से ठहराता है जिसे वह अपनी महिमा और अपने प्रेम रखनेवालों की भलाई के लिए सबसे उत्तम देखता है!— जॉन वेस्ली।
हे स्वर्गीय पिता, सबके प्रभु, सुन, और दिखा कि तू मेरी पुकार सुनता है:
मेरी दुहाई तेरे सिंहासन पर पहुँचे, अब परदे के भीतर प्रवेश करती हुई:
वे आशीषें दे जिनका मैं दावा करता हूँ:
हे प्रभु, मैं यीशु के नाम से माँगता हूँ।
— चार्ल्स वेस्ली।
प्रभु राज्य करता है, पृथ्वी मगन हो।—भजन संहिता 97:1।
26 जून
पापमयता और असहायता, इन दो बातों के बीच का अन्तर देखना सरल है।
पहली को तुम्हें और अनुभव करने की आवश्यकता नहीं; दूसरी का अनुभव तुम्हें जीवन भर होता रहेगा।
और सचमुच, तुम जितना परमेश्वर के निकट आओगे, उतना ही उसका अधिक बोध होगा।— जॉन वेस्ली।
हम एक भी उपयोगी शब्द नहीं कह सकते, एक भी पवित्र विचार नहीं सोच सकते, जब तक अपने प्रभु के उत्तर में तू स्वयं आशीष न दे,
— चार्ल्स वेस्ली।
और मुझे इस बात का भरोसा है कि जिसने तुम में अच्छा कार्य आरम्भ किया है, वही उसे यीशु मसीह के दिन तक पूरा करेगा।—फिलिप्पियों 1:6।
94 ऊँचाइयों से एक पुकार
27 जून
पवित्र किए गए क्रूस सचमुच आशीषें हैं: और जब सबसे उत्तम होगा, तब हमारा प्रभु उन्हें हटा लेगा।—
जॉन वेस्ली।
जो यहाँ अपने स्वामी के साथ दुःख उठाते हैं, हम उसके सम्मुख प्रकट होंगे और उसके पास बैठेंगे; धीरजवन्त विश्वास के लिए पुरस्कार निश्चित है, और जो अन्त तक क्रूस सहते हैं, वे मुकुट पहनेंगे।
— चार्ल्स वेस्ली।
परमेश्वर सच्चा है; वह तुम्हें सामर्थ्य से बाहर परीक्षा में न पड़ने देगा, वरन् परीक्षा के साथ निकास भी करेगा, कि तुम सह सको।—1 कुरिन्थियों 10:13।
28 जून
तुम्हें आनन्द कम या अधिक मिल सकता है।
यह हज़ार परिस्थितियों पर निर्भर करता है; पर तुम्हें प्रेम का एक अंश भी कभी खोने की आवश्यकता नहीं।— जॉन
वेस्ली।
हे प्रेम, तू ही मेरा भाग है:
हे प्रभु, तू मेरे सरल हृदय को जानता है।
मुझे और कुछ नहीं चाहिए; प्रेम मेरी सारी अभिलाषा को भर देता है; तू अपने और सब दान हटा ले, फिर भी तू मुझे प्रेम में सब कुछ देता है!
— चार्ल्स वेस्ली।
परमेश्वर का प्रेम पवित्र आत्मा के द्वारा, जो हमें दिया गया है, हमारे मन में डाला गया है।—
रोमियों 5:5।
ऊँचाइयों से एक पुकार
29 जून
तुम कितनी आशीषें पा सकते हो..., यदि तुम उन्हें उसी पुराने उत्तम मार्ग में खोजो जिसमें तुमने प्रभु यीशु मसीह को ग्रहण किया था!
इसलिए अब भी उसी में चलते रहो।
नए मार्गों में जा पड़ने से सावधान रहो! जो लिखा है उससे अधिक बुद्धिमान बनने से सावधान रहो!
हो सकता है आरम्भ में हमें मिठास मिले, परन्तु अन्त में वह कड़वाहट होगी।—
जॉन वेस्ली।
कि मैं तुझसे फिर कभी अलग न होऊँ, फिर कभी तेरी भलाई को शोकित न करूँ, तू मुझे सन्तानोचित श्रद्धा, माँस का हृदय और कोमल विवेक दे।
— चार्ल्स वेस्ली।
इसलिए, हे मेरे प्रिय भाइयो, दृढ़ और अटल रहो, और प्रभु के काम में सर्वदा बढ़ते जाओ।—1 कुरिन्थियों 15:58।
30 जून
तुम्हें बस शान्ति से और दृढ़ता से आगे बढ़ते जाना है, और परमेश्वर उठेगा और अपने ही कार्य को स्थिर रखेगा।
बस हम यह परिश्रम करें कि परमेश्वर और मनुष्यों के प्रति हमारा विवेक निर्दोष रहे।— जॉन वेस्ली।
मैं सच्ची श्रद्धा चाहता हूँ, एक अविभाजित, स्थिर लक्ष्य, जो धमकी या प्रतिफल से न डिगे, तेरे और तेरे महान नाम के प्रति;
— चार्ल्स वेस्ली।
जो यहोवा पर भरोसा रखते हैं वे सिय्योन पर्वत के समान हैं, जो टल नहीं सकता, वरन् सदा बना रहता है।—भजन संहिता 125:1।
96 ऊँचाइयों से एक पुकार
1 जुलाई
विश्वास की प्रफुल्लता को तुम्हें सब बातों में और सब से बढ़कर पाने का लक्ष्य रखना चाहिए।— जॉन वेस्ली।
समय और स्थान की सीमाओं के पार उस स्वर्गीय स्थान की ओर देखो, जो सन्तों का सुरक्षित निवास है; विश्वास के सशक्त गरुड़-पंखों पर उठो, आकाश तक अपना मार्ग बना लो, और परमेश्वर के पर्वत पर चढ़ जाओ।
— चार्ल्स वेस्ली।
आनन्द से यहोवा की उपासना करो! जयजयकार करते हुए उसके सम्मुख आओ!—भजन संहिता 100:2।
2 जुलाई
कौन अपनी पीढ़ी में परमेश्वर की सेवा करने से तुच्छ किसी उद्देश्य के लिए जीना चाहेगा?
मैं जानता हूँ कि मेरा स्वास्थ्य और बल इसी कार्य के लिए बना हुआ है।
और यदि मैं कभी उस मोहिनी धुन, "अपने को बचा," को सुनूँ, तो मेरा विश्वास है कि मेरा स्वामी मुझे और न रखेगा, वरन् शीघ्र ही मुझे उठा ले जाएगा।— जॉन वेस्ली।
जब कभी मेरे लापरवाह हाथ ढीले पड़ें, तो हे प्रभु, मुझे अपनी भृकुटि का तनाव दिखा, और अपनी चेतावनी भरी दृष्टि का अनुभव करा; और मैं चौंककर विनाश के कगार से पुकारूँ, "हे यीशु, बचा, नहीं तो मैं हार जाता हूँ, डूब रहा हूँ; हे प्रभु, मुझे बचा, नहीं तो मैं मरता हूँ।"
— चार्ल्स वेस्ली।
क्योंकि हम परमेश्वर के सहकर्मी हैं।—1 कुरिन्थियों 3:9।
ऊँचाइयों से एक पुकार
3 जुलाई
जो सब कुछ सहते हैं, वे निश्चय ही सब कुछ जीत लेंगे।— जॉन वेस्ली।
तिगुनी धन्य, आनन्द जगानेवाली आशा!
यह हमारी मूर्छित आत्माओं को उठाती है, यह मृतकों को जीवन देती है:
यहाँ हमारे संघर्ष शीघ्र ही बीत जाएँगे, और तू और मैं अन्त में अपने सिर के साथ विजयी होकर ऊपर चढ़ेंगे।
— चार्ल्स वेस्ली।
और यदि तुम धर्म के कारण दुःख भी उठाओ, तो धन्य हो।—1 पतरस 3:14।
4 जुलाई
जहाँ तक तुमसे हो सके, यीशु मसीह के अच्छे योद्धा की नाईं कठिनाई सहने में आनन्दित रहो; और हर उस सुख का त्याग करो जिसके विषय में तुम्हें ईश्वरीय रूप से यह बोध नहीं कि वह तुम्हें परमेश्वर में आनन्द पाने के लिए तैयार करता है।— जॉन वेस्ली।
तू मेरे हृदय की अभिलाषा देखता है; मैं तेरे क्रूस का भागी होना चाहता हूँ; मैं आग से बपतिस्मा पाने और तेरे प्रिय नाम के लिए मरने की लालसा रखता हूँ।
मैं तेरे साथ उठने और ऊपर की वस्तुओं तक उड़ान भरने की लालसा रखता हूँ, और धन्य अनन्तकाल मरते हुए प्रेम की स्तुति में बिताना चाहता हूँ।
— चार्ल्स वेस्ली।
हियाव बाँधकर दृढ़ हो जा।—यहोशू 1:6।
98 ऊँचाइयों से एक पुकार
5 जुलाई
हमारे सामने केवल एक ही लक्ष्य है: पूरी तरह मसीही होना, पवित्रशास्त्र के अनुसार और विवेकपूर्ण मसीही।
जिसके लिए हम भली-भाँति जानते हैं कि न केवल संसार, वरन् "लगभग मसीही" लोग भी हमें कभी क्षमा नहीं करेंगे।—
— जॉन वेस्ली।
कि तेरी धन्य इच्छा की सेवा करूँ, तेरे मरते हुए प्रेम की स्तुति करूँ, तेरी योजना को पूरा करूँ, और तेरा अनुग्रह बाँटूँ; जो मैंने सेंतमेंत पाया है वही सेंतमेंत दूँ, और पृथ्वी पर तेरे स्वर्गीय जीवन को जीऊँ।
— चार्ल्स वेस्ली।
जो कुछ तुम करते हो, तन-मन से करो, यह समझकर कि मनुष्यों के लिए नहीं परन्तु प्रभु के लिए करते हो।—कुलुस्सियों 3:23।
6 जुलाई
हम विचार या वचन में मेथोडिस्ट सिद्धांत से न हटें: "जो कोई मेरे स्वर्गिक पिता की इच्छा पर चलता है, वही मेरा भाई, और बहन, और माता है।"—जॉन
वेस्ली।
यदि तू शुद्ध, सारभूत प्रेम है, तो अपना स्वभाव हर हृदय में, अपना प्रेममय स्वरूप, फूँक दे:
हमारी सब सरल आत्माओं को एक होने की आज्ञा दे, एक अज्ञात बन्धन में जुड़ी हुई, स्वर्गीय आग से बपतिस्मा पाई हुई।
=— चार्ल्स वेस्ली।
भाईचारे का प्रेम बना रहे।—इब्रानियों 13:1।
ऊँचाइयों से एक पुकार
7 जुलाई, मैंने फ्रांस के एक पवित्र मनुष्य की सराहना की, जिसने एक ऐसे व्यक्ति की दशा पर विचार करके, जो सन्देहों और भयों से भरा था, उसे अपने पापों के विषय में बिल्कुल सोचने से मना किया, और आज्ञा दी कि वह केवल मसीह में परमेश्वर के प्रेम के विषय में सोचे।
परिणाम यह हुआ कि उसके सारे भय जाते रहे, और वह विश्वास की विजय में जिया और मरा।— जॉन वेस्ली।
परन्तु यदि मैं उससे अपनी आँख फेर लूँ, और उफनती बाढ़ों को ऊँची चढ़ते देखूँ, और अपने भीतर भय अनुभव करूँ, मेरे शत्रु इतने बलवन्त, मेरा शरीर इतना दुर्बल, तो तर्क और अविश्वास प्रबल हो जाते हैं, और मुझे पाप में डुबो देते हैं।
— चार्ल्स वेस्ली।
हे पृथ्वी के सब छोरों के लोगो, मेरी ओर फिरो और उद्धार पाओ।—यशायाह 45:22।
8 जुलाई
विश्वास देखना है; अर्थात् आत्मिक देखना; और वह प्रकाश है, अन्धकार नहीं; इसलिए प्रसिद्ध Beat [अस्पष्ट मूल पाठ] वाक्यांश, "विश्वास का अन्धकार," शब्दों में ही परस्पर विरोधी है।— जॉन वेस्ली।
देखो! विश्वास की प्रबुद्ध दृष्टि के लिए सारा पर्वत ज्योति से जल रहा है; नरक निकट है, परन्तु परमेश्वर उससे भी निकट है, और हमें अग्नि की सेनाओं से घेरे हुए है।
— चार्ल्स वेस्ली।
विश्वास आशा की हुई वस्तुओं का निश्चय, और अनदेखी वस्तुओं का प्रमाण है।—इब्रानियों 11:1।
ऊँचाइयों से एक पुकार
9 जुलाई
कभी-कभी पूर्ण पवित्रीकरण से पहले पाप का पीड़ादायक बोध होता है; कभी-कभी ऐसा बोध जिसमें पीड़ा से कहीं अधिक आनन्द होता है, क्योंकि उसमें आनन्दमय अपेक्षा मिली होती है।
अनुग्रह में सदा क्रमिक वृद्धि होनी चाहिए; जो उस समय से, जब हम धर्मी ठहराए गए, कभी रुकनी नहीं चाहिए।
इसलिए पीड़ा या किसी और बात की प्रतीक्षा मत करो, केवल सब पर विजय पानेवाले विश्वास की प्रतीक्षा करो।— जॉन वेस्ली।
हम जो मसीह पर विश्वास करते हैं कि वह हमारे लिए मरा, हम सब उसकी अज्ञात शान्ति पाते हैं, और अनुभव करते हैं कि उसका लहू हम पर लगाया गया है,
— चार्ल्स वेस्ली।
क्योंकि हम जिन्होंने विश्वास किया है, उस विश्राम में प्रवेश करते हैं।—इब्रानियों 4:3।
10 जुलाई
तुम भीतर की ओर बहुत अधिक देखते हो, और ऊपर की ओर बहुत कम।— जॉन वेस्ली।
हे उद्धारकर्ता, मेरी आत्मा तेरी ओर ताकती है, तू मेरा वर्तमान उद्धारकर्ता है!
आशा के पूरे भरोसे से मैं अभी आशीष का दावा करता हूँ।
— चार्ल्स वेस्ली।
आओ, हम वह दौड़ जिसमें हमें दौड़ना है, धीरज से दौड़ें, और विश्वास के कर्ता और सिद्ध करनेवाले यीशु की ओर ताकते रहें।—इब्रानियों 12:1, 2।
ऊँचाइयों से एक पुकार
11 जुलाई
बच्चों के साथ प्रार्थना करते समय तुम्हें केवल उन्हीं बातों के लिए माँगना है जिनकी उन्हें आवश्यकता है, यह तुम जानते हो, और वह भी उस सबसे सीधी, निश्छल और सरल भाषा में जो तुम गढ़ सको।
जॉन वेस्ली।
मध्यस्थता के अनुग्रह की आत्मा हमें दे, कि हम विश्वास से दावा करें:
कि जब तक तेरा मुख न देख लें और तेरा गुप्त नाम न जान लें, तब तक कुश्ती करते रहें।
— चार्ल्स वेस्ली।
माँगो, तो तुम्हें दिया जाएगा; ढूँढ़ो, तो तुम पाओगे; खटखटाओ, तो तुम्हारे लिए खोला जाएगा।—मत्ती 7:7।
12 जुलाई
जो कम अनुभव करते हैं, वे निश्चय ही कम दुःख उठाते हैं; परन्तु हम जितना अधिक दुःख उठाते हैं, उतना ही अधिक हम उन्नति कर सकते हैं; जितनी अधिक आज्ञाकारिता, उतनी अधिक पवित्रता हम उन बातों से सीख सकते हैं जिन्हें हम सहते हैं।
इसलिए सब मिलाकर, मैं नहीं जानता कि संवेदनहीन लोगों को हम पर कोई लाभ है या नहीं।— जॉन वेस्ली।
हे मेरे जीवन के परमेश्वर, मेरी आत्मा पर तेरे न्याय कितने भले, कितने बुद्धिमान रहे हैं!
वे भेस में छिपी दया ही थे, पाप की पीड़ादायक औषधियाँ।
अब तेरे मार्ग कितने भिन्न दिखाई देते हैं, जब सबसे कठोर थे तब भी कितने दयालु!
~— चार्ल्स वेस्ली।
यदि तुम ताड़ना सहते हो, तो परमेश्वर तुम्हारे साथ पुत्रों के समान व्यवहार करता है।—इब्रानियों 12:7।
102 ऊँचाइयों से एक पुकार
13 जुलाई
कोई भी मसीही उस सम्पत्ति के किसी भी अंश को व्यर्थ गँवाने का जोखिम नहीं उठा सकता जो परमेश्वर ने उसे सौंपी है।— जॉन वेस्ली।
देख! मैं आनन्द के साथ धन्य स्वामी की इच्छा पूरी करने आता हूँ; बाहरी कार्यों में उसका अनुसरण करता हूँ, और सदा उसकी प्रसन्नता की सेवा करता हूँ।
अपने प्रभु की आज्ञाओं के प्रति विश्वासयोग्य रहकर, मैं अब भी उत्तम भाग को चुनना चाहूँगा, सावधान मार्था के हाथों से सेवा करूँ, और प्रेमी मरियम के हृदय से।
— चार्ल्स वेस्ली।
अपनी सम्पत्ति से और अपनी सारी उपज के पहले फलों से यहोवा की प्रतिष्ठा करना।—नीतिवचन 3:9।
14 जुलाई
यही बड़ा कार्य है, कि केवल प्राणों को मसीह पर विश्वास कराना ही नहीं, वरन् उन्हें हमारे परम पवित्र विश्वास में दृढ़ करना भी।
वे कितनी बड़ी भूल में हैं जो सोचते हैं कि बच्चे के जन्म लेते ही उनकी और देखभाल करने की आवश्यकता नहीं रहती!
हम तो ऐसा नहीं पाते।
तब मुख्य देखभाल आरम्भ होती है।— जॉन वेस्ली।
आओ, हम एक-दूसरे को उन्नत करें; अपने विश्वास की वृद्धि के लिए प्रार्थना करें, ठोस सांत्वना, स्थिर आशा, निरन्तर आनन्द और चिरस्थायी शान्ति के लिए।
— चार्ल्स वेस्ली।
इसलिए एक-दूसरे को शान्ति दो, और एक-दूसरे की उन्नति का कारण बनो, जैसा कि तुम करते भी हो।—1 थिस्सलुनीकियों 5:11।
ऊँचाइयों से एक पुकार
103.
15 जुलाई
इसमें तुम्हें निरन्तर धीरज की आवश्यकता है, क्योंकि तुम अपने सारे परिश्रम का फल प्रायः थोड़ा ही देखोगे।
परन्तु उसे उसी पर छोड़ दो।
सफलता उसकी है।
कार्य केवल तुम्हारा है।
तुम्हारा लक्ष्य यह है कि अपना कार्य समय रहते करो; और अपने समय पर वह तुम्हें पूरा प्रतिफल देगा।— जॉन वेस्ली।
हे पिता, मैं अपनी आत्मा तेरी ओर उठाता हूँ; मेरी आत्मा तुझ पर निर्भर है; इस दृढ़ विश्वास से कि हर उत्तम दान केवल तुझ से ही उतरता है।
— चार्ल्स वेस्ली।
हम भले काम करने में हियाव न छोड़ें, क्योंकि यदि हम ढीले न हों तो ठीक समय पर कटनी काटेंगे।—गलातियों 6:9।
16 जुलाई
यह निश्चय ही हमारे लिए सबसे लाभदायक है कि हमारे जीवन में भिन्न-भिन्न ऋतुएँ हों।
हम न तो निरन्तर तूफ़ानों में रह सकते हैं, न निरन्तर शान्ति में; परन्तु हम निश्चित नहीं हैं, हम यह नहीं आँक सकते कि इनमें से किसका कितना अनुपात हमारे लिए सबसे अच्छा है। हम तो अजीब काम करते: पर हम जानते हैं कि जो हमारे लिए चुनता है, वह सब कुछ भली-भाँति ठहराता है।— जॉन वेस्ली।
मैं कभी अपना मुकद्दमा तेरे हाथों से नहीं हटाऊँगा; वरन् तेरे छुड़ानेवाले प्रेम में विश्राम करूँगा, और तेरे क्रूस से लटका रहूँगा।
— चार्ल्स वेस्ली।
मनुष्य की गति यहोवा की ओर से दृढ़ होती है।—भजन संहिता 37:23।
ऊँचाइयों से एक पुकार
17 जुलाई
यह निश्चित है कि पवित्रशास्त्र में "प्रार्थना" का अर्थ प्रायः सदा मौखिक प्रार्थना ही है।
इसलिए हमारी बुद्धिमानी इसी में है कि हम अपने आप को प्रार्थना करने के लिए विवश करें; प्रार्थना करें, चाहे प्रार्थना कर सकें या नहीं।
और बहुत बार जब हम ऐसा कर रहे होते हैं, तब स्वर्ग से आग गिरेगी, और हम जानेंगे कि हमारा परिश्रम व्यर्थ नहीं था।— जॉन वेस्ली।
अपनी आत्माओं को परमेश्वर की ओर बढ़ाओ; अपने प्राणों को शब्दों में प्रकट करो; या उस से कराहो जो हृदय को पढ़ता है, वह अकथनीय प्रार्थना।
— चार्ल्स वेस्ली।
वह लाचार की प्रार्थना की ओर मुड़ेगा, और उनकी प्रार्थना को तुच्छ न जानेगा।—भजन संहिता 102:17।
18 जुलाई, एकान्त के प्रेम में जितना अधिक लिप्त हुआ जाए, वह उतना ही बढ़ता है।
हर युग और हर देश में शैतान ने उन लोगों के कान में, जो आनेवाले जगत की सामर्थ्य का स्वाद चखने लगे थे, फुसफुसाया है, "रेगिस्तान को!"
"जंगल को!"
ऑक्सफ़र्ड में हमारे छोटे झुण्ड के अधिकतर लोग इससे परखे गए; विशेष रूप से मेरा भाई और मैं।
नहीं, मैं तो कहता हूँ, "बाइबल की ओर!"
"बाइबल की ओर!"— जॉन वेस्ली।
हम सब मधुरता से एकमत हों, कोमलतम सहानुभूति से छुए हुए; एक-दूसरे की प्यार से देखभाल करें; हर अंग अपना भाग अनुभव करे।
— चार्ल्स वेस्ली।
तुम पृथ्वी के नमक हो।—मत्ती 5:13।
19 जुलाई
रहस्यों के विषय में इतना शोर मचाए जाने के बाद भी, इससे अधिक निश्चित कुछ नहीं कि मनुष्य की किसी भी सन्तान से किसी रहस्य पर विश्वास करने की माँग नहीं की जाती।
उदाहरण के लिए, त्रिएकता के विषय में मुझसे क्या विश्वास करने को कहा जाता है?
रीति नहीं, परन्तु यह स्पष्ट तथ्य, "ये तीनों एक हैं।"
मैं यही मानता हूँ, और केवल यही।— जॉन वेस्ली।
मुझे अपने आप को एक ओर रखने दे, वह सब जो मेरे ज्ञान के अभिमान को पोसता है; मनुष्य के नहीं, परमेश्वर के अधीन हो जाऊँ, अपने तर्क तेरे चरणों में रख दूँ।
— चार्ल्स वेस्ली।
इससे तुझे क्या?
तू मेरे पीछे हो ले।— यूहन्ना 21:22।
20 जुलाई
विश्वास हमारी वर्तमान आवश्यकता के अनुसार दिया जाता है।
तुम्हें अब ऐसा विश्वास प्राप्त है जो परमेश्वर के लिए जीने हेतु आवश्यक है।
अभी तुम्हें मरने के लिए नहीं बुलाया गया है।
जब बुलाए जाओगे, तब उसके लिए भी तुम्हें विश्वास मिलेगा।
आज उस विश्वास को बढ़ाओ जो तुम्हारे पास अभी है, और कल को परमेश्वर पर छोड़ दो
—जॉन वेस्ली।
मुझे वह विश्वास दे जो मुझे थामे रखे, जब मैं जीवन के उथल-पुथल भरे सागर पर चलूँ; पवित्र करनेवाली आशा सदा मेरी आत्मा का दृढ़ लंगर बनी रहे।
— चार्ल्स वेस्ली।
जैसे तेरे दिन वैसी ही तेरी शक्ति हो।—व्यवस्थाविवरण 33:25।
