अध्याय 70
और (इसी तरह) आदमियों में से भी बेशक खुदा (सबकी) सुनता देखता है जो (दिल से) सुनते हैं और उसके हुक्म से मुँह फेर लेते हैं और (ऐ रसूल) जो लोग उसके बारे में (उसकी तरफ से) तसदीक़ करते हैं उन से वह लोग (अपनी ऑंखों से) पाक व पाकीज़ा और बरतर है
यह हिन्दी पाठ समीक्षा के लिए तैयार किया गया है। अंग्रेज़ी मूल प्रमाणिक है।
और (इसी तरह) आदमियों में से भी बेशक खुदा (सबकी) सुनता देखता है जो (दिल से) सुनते हैं और उसके हुक्म से मुँह फेर लेते हैं और (ऐ रसूल) जो लोग उसके बारे में (उसकी तरफ से) तसदीक़ करते हैं उन से वह लोग (अपनी ऑंखों से) पाक व पाकीज़ा और बरतर है